’किसानों के लिए मददगार विष्णु देव साय सरकारः
रायगढ़, 8 जुलाई 2026/sns/- मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में राज्य सरकार किसानों को खेती-किसानी के लिए हरसंभव सहयोग प्रदान करते हुए खेती को अधिक लाभकारी और सशक्त बनाने की दिशा में लगातार कार्य कर रही है। खरीफ सीजन की शुरुआत में किसानों को आर्थिक संसाधनों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता सुनिश्चित की गई है। इसी क्रम में रायगढ़ जिले के 33,017 किसानों को 79 प्राथमिक कृषि साख समितियों के माध्यम से 82.19 करोड़ रुपए की अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। वहीं किसानों को 31.28 करोड़ रुपए मूल्य के खाद एवं बीज उपलब्ध कराए गए हैं। इस प्रकार जिले के किसानों तक अब तक 113.47 करोड़ रुपए की अग्रिम सहायता पहुंचाई जा चुकी है। समय पर मिली इस सहायता से किसानों को खेती की तैयारियों में बड़ी राहत मिली है और खरीफ फसलों की बुवाई को नई गति मिली है।
’जिले के सभी विकासखंडों के किसानों तक पहुंचा लाभ’
जिले के सभी विकासखंडों में किसानों को समान रूप से लाभान्वित किया गया है। रायगढ़ विकासखंड की 14 समितियों के माध्यम से 6,113 किसानों, पुसौर की 15 समितियों से 6,487 किसानों, खरसिया की 12 समितियों से 8,575 किसानों, धरमजयगढ़ की 15 समितियों से 4,898 किसानों, घरघोड़ा की 5 समितियों से 1,432 किसानों, तमनार की 10 समितियों से 3,228 किसानों तथा लैलूंगा की 8 समितियों से 2,284 किसानों को अग्रिम कृषि सहायता उपलब्ध कराई गई है। इससे किसानों को समय पर कृषि कार्य प्रारंभ करने के लिए आवश्यक संसाधन प्राप्त हुए हैं।
’पर्याप्त खाद भंडारण से किसानों को मिल रही निर्बाध सुविधा’
खरीफ सीजन में किसानों को उर्वरकों की कमी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जिले की सभी सहकारी समितियों में पर्याप्त मात्रा में रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। विभागीय जानकारी के अनुसार जिले में लक्ष्य के विरुद्ध 22,668 मीट्रिक टन रासायनिक उर्वरकों का भंडारण किया गया है। इनमें से अब तक 18,641 मीट्रिक टन उर्वरकों का वितरण किया जा चुका है, जो निर्धारित लक्ष्य का लगभग 82 प्रतिशत है। किसानों को अब तक 10,718 मीट्रिक टन यूरिया, 2,342 मीट्रिक टन डीएपी, 2,430 मीट्रिक टन एनपीके, 795 मीट्रिक टन पोटाश तथा 2,356 मीट्रिक टन एसएसपी उपलब्ध कराया जा चुका है। सभी सहकारी समितियों में किसानों की मांग के अनुरूप उर्वरकों की सतत उपलब्धता सुनिश्चित की जा रही है, जिससे कृषि कार्य बिना किसी बाधा के संचालित हो रहे हैं।
’अच्छी बारिश और समय पर उपलब्ध संसाधनों से बढ़ा किसानों का उत्साह’
पिछले सप्ताह जिले में हुई अच्छी वर्षा से खरीफ सीजन की गतिविधियों ने रफ्तार पकड़ ली है। समय पर उपलब्ध कराई गई अग्रिम कृषि सहायता, खाद एवं बीज से किसानों को खेती की तैयारियों में किसी प्रकार की परेशानी का सामना नहीं करना पड़ रहा है। जिलेभर में धान सहित खरीफ फसलों की बुवाई तेजी से जारी है और किसान पूरे उत्साह के साथ खेतों में जुटे हुए हैं। शासन की किसान हितैषी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा कृषि आदानों की समय पर उपलब्धता से खेती का कार्य सुचारु रूप से आगे बढ़ रहा है। समय पर उपलब्ध संसाधनों और अनुकूल मौसम के कारण किसानों का आत्मविश्वास बढ़ा है। इससे न केवल खरीफ सीजन की बुवाई को गति मिली है, बल्कि जिले में इस वर्ष बेहतर उत्पादन और किसानों की आय में वृद्धि की उम्मीद भी मजबूत हुई है।
स्वास्थ्य केंद्र तुरंगा एवं चपले क्षेत्र के टेमटेमा गांव में स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं एवं मितानिनों के साथ घर-घर भ्रमण कर अभियान की जमीनी स्थिति का जायजा लिया। इस दौरान टीम ने संदिग्ध मरीजों का स्वयं परीक्षण किया तथा जांच पर्यवेक्षकों और फील्ड कर्मचारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश प्रदान किए। निरीक्षण के दौरान डॉ. बालाजी एम. एवं डॉ. किरण स्वप्निल ने डीएनटी टीम के सदस्य एम.पी. साहू एवं दिनेश यादव से फील्ड स्तर पर संचालित गतिविधियों, सर्वे रिपोर्ट, संदिग्ध मरीजों की पहचान तथा उपचार संबंधी व्यवस्थाओं की जानकारी भी प्राप्त की।
जिला कुष्ठ उन्मूलन अधिकारी डॉ. अविनाश चंद्र ने बताया कि वर्तमान में रायगढ़ जिले में कुष्ठ रोग की प्रसार दर 3.74 प्रति 10 हजार जनसंख्या है। शासन द्वारा इसे घटाकर एक प्रति 10 हजार जनसंख्या से कम करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी उद्देश्य को ध्यान में रखते हुए जिले में सघन कुष्ठ खोज अभियान को प्रभावी एवं सुनियोजित ढंग से संचालित किया जा रहा है, ताकि कुष्ठ रोग की समय रहते पहचान कर प्रत्येक मरीज को उपचार उपलब्ध कराया जा सके और जिले को कुष्ठ मुक्त बनाने की दिशा में ठोस प्रगति सुनिश्चित हो सके।