मानसून में वन संरक्षण गतिविधियाँ तेज,जल संरक्षण एवं प्राकृतिक पुनर्जनन सहित अनेक कार्यक्रम जारी

बलौदाबाजार, 10 जुलाई 2026/sns/- वनमण्डलाधिकारी बलौदाबाजार धम्मशील गणवीर के निर्देशानुसार मानसून ऋतु के दौरान बलौदाबाजार वनमण्डल अंतर्गत विभिन्न वन परिक्षेत्रों में वन संरक्षण, जल संरक्षण, प्राकृतिक पुनर्जनन, वन महोत्सव, मानव-वन्यजीव संरक्षण एवं वन मार्गों के रखरखाव से संबंधित विभिन्न गतिविधियाँ निरंतर संचालित की जा रही हैं। इन प्रयासों का उद्देश्य वर्षा ऋतु का अधिकतम उपयोग करते हुए वन क्षेत्रों का संरक्षण, जल संवर्धन, जैव विविधता संरक्षण तथा स्थानीय समुदायों की सहभागिता को सुदृढ़ करना है।

हाल ही में हुई वर्षा के बाद वनमण्डल के विभिन्न वन क्षेत्रों में जल संरचनाओं में उल्लेखनीय जलभराव दर्ज किया गया है। “जल संचय से जन भागीदारी” अभियान 2.0 के अंतर्गत पूर्व वर्षों में निर्मित जल अवशोषण ट्रेंच एवं अन्य जल संरक्षण संरचनाएँ पूरी तरह जल से भर गई हैं। यह संरचनाएँ वर्षा जल के संरक्षण, भू-जल पुनर्भरण तथा वन क्षेत्रों में नमी बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

वनमण्डल द्वारा संचालित सीड बॉल रोपण अभियान के भी सकारात्मक परिणाम सामने आने लगे हैं। वन परिक्षेत्र देवपुर में साजा प्रजाति के सीड बॉल से सफल अंकुरण देखा गया है। वहीं अर्जुनी परिक्षेत्र के उत्तर महराजी परिसर में कंटूर पाल संरचनाओं एवं जल संरक्षण संरचनाओं के किनारे सीड बॉल रोपण तथा स्थानीय घास प्रजातियों का रोपण किया जा रहा है, जिससे मृदा कटाव की रोकथाम के साथ प्राकृतिक पुनर्जनन को बढ़ावा मिल रहा है।

मानसून के दौरान वन मार्गों को सुरक्षित एवं सुगम बनाए रखने के लिए विभिन्न क्षेत्रों में आड़ीपार निर्माण कार्य भी प्रगति पर है। बार–दोंद मार्ग, पुटपुरा तथा पूर्व सुरबाय–बारनवापारा वन मार्ग सहित विभिन्न स्थानों पर वर्षा जल से होने वाले कटाव को रोकने हेतु सुरक्षा श्रमिकों द्वारा निरंतर कार्य किया जा रहा है।

वन महोत्सव के अंतर्गत “एक पेड़ माँ के नाम” अभियान भी व्यापक स्तर पर संचालित किया जा रहा है। वन परिक्षेत्र बल्दाकछार के नंदनिया एवं बल्दाकछार परिसरों में आयोजित कार्यक्रमों में जनप्रतिनिधियों, वन प्रबंधन समितियों, विद्यालयों के शिक्षक-शिक्षार्थियों, ग्रामीणों एवं वन विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों ने सहभागिता करते हुए पौधारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया।

इसी क्रम में मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की गई है। बारनवापारा अभ्यारण्य में हाथी मित्र दल को वन्य हाथियों की प्रभावी निगरानी एवं ग्रामीणों को समय पर सूचना उपलब्ध कराने हेतु टॉर्च, मेगाफोन एवं जूते वितरित किए गए, जिससे दल की कार्यक्षमता एवं सुरक्षा को और सुदृढ़ किया जा सके।

वन क्षेत्रों में सुरक्षा एवं संरक्षण गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने के उद्देश्य से बल्दाकछार परिक्षेत्र के दलदली परिसर में सुरक्षा संरचनाओं के किनारे लाइव हेज के रूप में कैक्टस रोपण भी प्रारंभ किया गया है। इससे मृदा संरक्षण के साथ-साथ वन क्षेत्रों की प्राकृतिक सुरक्षा व्यवस्था को भी मजबूती मिलेगी।

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