फसल बीमा कराने की अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026
दुर्ग, 14 जुलाई 2026/ sns/- खरीफ मौसम के दौरान किसानों को प्राकृतिक आपदाओं और मौसम की अनिश्चितता से बचाने के लिए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत पंजीयन की प्रक्रिया 12 जुलाई से शुरू हो चुकी है। सभी किसान अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 का इंतजार किए बिना समय पर अपनी फसलों का बीमा करा सकते हैं। मौसम विभाग के अनुसार इस साल अलनीनो के प्रभाव के कारण अनियमित या कम बारिश की संभावना बनी हुई है। ऐसी स्थिति में संभावित नुकसान से बचने के लिए फसल बीमा किसानों के लिए एक मजबूत सुरक्षा कवच साबित होगा।
कृषि विभाग द्वारा बताया गया है कि योजना के तहत जिले में किसान भाई अधिसूचित फसलों धान (सिंचित एवं असिंचित), मक्का, सोयाबीन, तुअर (अरहर), मूंग, उड़द, मूंगफली, कोदो, कुटकी तथा रागी का बीमा करा सकते हैं। कृषक बैंक, वित्तीय संस्थान, लोक सेवा केंद्र, या स्वयं सीधे भारत सरकार के राष्ट्रीय फसल बीमा पोर्टल पर जाकर ऑनलाइन आवेदन कर अपना पंजीयन करा सकते हैं। जिस हेतु आवश्यक दस्तावेज नवीनतम आधार कार्ड, नवीनतम बी-1 और पी-2 की कॉपी, बैंक पासबुक के मुख्य पृष्ठ की फोटोकॉपी, फसल बुवाई का प्रमाण पत्र या स्व-घोषणा पत्र, बटाईदार/कास्तकार/साझेदार किसानों के लिये फसल साझा/ कास्तकार का घोषणा पत्र तथा चालू मोबाइल नंबर है।
किसानों के व्यापक हित को ध्यान में रखते हुए प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना में चार प्रमुख जोखिम फसल की बुवाई/रोपाई (प्रतिकूल मौसम अवस्थाओं के कारण) नहीं होने, स्थानीयकृत आपदाएं (ओलावृष्टि, जलभराव आदि) व फसल कटाई के उपरांत खेत में काटकर व फैलाकर गठरों में बांधकर सुखाने के लिये रखी गई फसल में होने वाली क्षति एवं फसल कटाई के बाद उपज के आंकड़ो के आधार पर क्षति को शामिल किया गया है। यदि किसी भी आपदा के कारण फसल को नुकसान पहुंचता है, तो किसानों को 72 घंटे के भीतर इसकी सूचना देना अनिवार्य होगा। इसके लिए कृषक केंद्र सरकार के टोल-फ्री नंबर 14447 (कृषि रक्षक पोर्टल व हेल्पलाइन) पर कॉल कर सकते हैं। इसके अलावा पीएमएफबीवाई के अधिकृत व्हाट्सएप नंबर 7065514447 पर भी विवरण भेजा जा सकता है। किसान सीधे ही चउइिलण्हवअण्पद पर जाकर अपनी शिकायत ऑनलाइन दर्ज कर सकते हैं। एवं गूगल प्ले स्टोर से क्रॉप इंश्योरेंस ऐप डाउनलोड करके किसान स्वयं अपनी फसल हानि का पूरा विवरण दर्ज कर सकते हैं। इसके अतिरिक्त किसान अपने क्षेत्रीय ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी, राजस्व विभाग, संबंधित बैंक या बीमा कंपनी को भी समय सीमा के भीतर सूचित कर सकते हैं, ताकि सर्वेक्षण के बाद बीमा दावा की प्रक्रिया समय पर पूरी की जा सके।
कृषि विभाग द्वारा सभी किसान भाईयों से अपील की गई है कि अल नीनो के सक्रिय होने की वजह से इस साल मानसून के कमजोर रहने और कम बारिश होने की आशंका जताई जा रही है। प्रतिकूल मौसम से होनी वाली आर्थिक जोखिम को कम करने के लिए अंतिम तिथि 31 जुलाई 2026 के पूर्व ही किसान भाई अपना फसल बीमा अवश्य करावें।