नव निर्माण स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्रों से नौनिहालों को मिल रहा बेहतर सीखने का वातावरण
अम्बिकापुर, 20 जुलाई 2026/sns/- जिले के उदयपुर विकासखंड में महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र नौनिहालों के लिए आकर्षण का केंद्र बनते जा रहे हैं। समेकित बाल विकास सेवा (आईसीडीएस) एवं जिला खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) के अभिसरण से स्वीकृत एवं पूर्ण हुए स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्र बच्चों को गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और सुरक्षित वातावरण उपलब्ध करा रहे हैं। इन केंद्रों के विकसित स्वरूप से बच्चों में आंगनबाड़ी आने और सीखने के प्रति उत्साह लगातार बढ़ रहा है
स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों के सर्वांगीण विकास को ध्यान में रखते हुए आकर्षक एवं शिक्षाप्रद वातावरण तैयार किया गया है। आंगनबाड़ी केंद्रों में बाला प्रोजेक्ट, रनिंग ब्लैक बोर्ड, वेलकम चार्ट, हाइट चार्ट सहित विभिन्न शैक्षणिक एवं रचनात्मक चित्रांकन किए गए हैं। रंग-बिरंगे चित्र, अक्षर, अंक, फल, फूल, पशु-पक्षी एवं अन्य शिक्षण सामग्री बच्चों को सहज रूप से सीखने के लिए प्रेरित कर रही है। इससे नौनिहालों में आंगनबाड़ी केंद्रों के प्रति विशेष आकर्षण बढ़ा है तथा उनकी नियमित उपस्थिति में भी लगातार वृद्धि दर्ज की जा रही है।
आंगनबाड़ी केंद्रों में 0 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को पूरक पोषण आहार के अंतर्गत निर्धारित मेन्यू के अनुसार पोहा, हलवा, खीर, पूड़ी, खिचड़ी, भजिया सहित गर्म एवं ताजा पका हुआ पौष्टिक भोजन उपलब्ध कराया जाता है। इससे बच्चों के शारीरिक एवं मानसिक विकास को आवश्यक पोषण मिल रहा है।
इसके साथ ही केंद्रों में गंभीर कुपोषित बच्चों तथा गर्भवती एवं धात्री महिलाओं के लिए अतिरिक्त पोषण आहार की विशेष व्यवस्था भी की जाती है। नियमित स्वास्थ्य परीक्षण, वजन एवं लंबाई की निगरानी तथा पोषण संबंधी परामर्श के माध्यम से बच्चों एवं माताओं के स्वास्थ्य पर सतत निगरानी रखी जा रही है।
बाल शिक्षा को अधिक प्रभावी बनाने के साथ-साथ बच्चों के समग्र विकास, कुपोषण की रोकथाम तथा गुणवत्तापूर्ण पोषण सेवाओं को सुदृढ़ करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो रहा है। स्मार्ट आंगनबाड़ी केंद्रों के विकसित वातावरण और बेहतर सुविधाओं के कारण अभिभावकों का विश्वास भी बढ़ा है तथा अधिक से अधिक परिवार अपने बच्चों को नियमित रूप से आंगनबाड़ी केंद्र भेज रहे हैं। विकासखंड में स्वीकृत 36 आंगनबाड़ी केंद्रों में 25 पूर्ण हो गए हैं , शेष आंगनवाड़ी भवनों का निर्माण कार्य जारी है।