कोंटा में कलेक्टर श्री अमित कुमार की मैराथन समीक्षा बैठक
सुकमा, 22 जूलाई 2026/sns/- जिले के दूरस्थ वनांचल क्षेत्रों में विकास की रफ्तार तेज करने और शासन की जनकल्याणकारी योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ आम जनता तक पहुंचाने के लिए कलेक्टर श्री अमित कुमार ने जनपद पंचायत कोंटा में मैराथन समीक्षा बैठक ली। जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर की मौजूदगी में आयोजित बैठक में पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग की विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं की विस्तार से समीक्षा की गई। कलेक्टर ने अधिकारियों और मैदानी अमले को स्पष्ट निर्देश दिए कि विकास कार्यों में किसी भी प्रकार की लापरवाही या ढिलाई स्वीकार नहीं की जाएगी तथा योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सर्वाेच्च प्राथमिकता के साथ सुनिश्चित किया जाए।
बैठक में मनरेगा, धरसा विकास योजना, प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, स्वच्छ भारत मिशन, नियद नेल्लानार, बिहान और लखपति दीदी जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। मनरेगा के तहत कोंटा में 17,768 सक्रिय श्रमिकों में से 14,424 श्रमिकों का ई-केवाईसी पूर्ण हो चुका है, जबकि 1 जुलाई 2026 से अब तक 84,689 मानव दिवस का सृजन किया गया है। वहीं ग्रामीण कनेक्टिविटी और अर्थव्यवस्था को मजबूती देने के लिए 26 ग्राम पंचायतों में 41 बड़े धरसा कार्य चिन्हांकित किए गए हैं, जिनकी अनुमानित लागत 623 लाख रुपये है। प्रधानमंत्री आवास योजना में सुकमा जिले की उल्लेखनीय प्रगति को रेखांकित करते हुए बताया गया कि जिला राज्य में चौथे और बस्तर संभाग में दूसरे स्थान पर है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने श्नियद नेल्लानारश् पहल के तहत अंदरूनी क्षेत्रों में मूलभूत सुविधाओं के विस्तार पर विशेष जोर दिया। योजना के अंतर्गत 6,175 व्यक्तिगत पारिवारिक शौचालय स्वीकृत किए गए हैं तथा पुवर्ती, पोटकपल्ली, मण्डीमरका और सिलगेर जैसे क्षेत्रों में 12 सामुदायिक शौचालयों को स्वीकृति दी गई है। इसी तरह बिहान योजना के माध्यम से कोंटा ब्लॉक के 74 प्रतिशत परिवारों को 1,474 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा गया है। महिला आर्थिक सशक्तिकरण की दिशा में श्लखपति दीदीश् पहल के तहत 1,229 के लक्ष्य के विरुद्ध 1,211 संभावित दीदियों की प्रविष्टि पोर्टल पर की जा चुकी है। ग्राम पंचायत चिंनतलनार में स्थापित की जा रही श्दंडकारण्य फूड्सश् इमली प्रसंस्करण इकाई से 1,000 महिला हितग्राहियों को जोड़कर स्थानीय महिलाओं की आय बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती देने की दिशा में भी महत्वपूर्ण पहल की जा रही है।
कलेक्टर ने निर्माण एजेंसियों, ग्राम पंचायत सचिवों और रोजगार सहायकों को बारिश के मौसम को ध्यान में रखते हुए अधोसंरचना विकास के कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम छोर तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वाेच्च जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी विभाग आपसी समन्वय के साथ मिशन मोड में कार्य करें। बैठक में उन्होंने समयबद्ध क्रियान्वयन, गुणवत्तापूर्ण निर्माण, वित्तीय पारदर्शिता और योजनाओं की सतत निगरानी सुनिश्चित करने पर विशेष जोर दिया। कोंटा जैसे दूरस्थ क्षेत्रों में विकास की गति को नई दिशा देने के लिए प्रशासन की यह सक्रिय पहल शासन की जनहितकारी योजनाओं को धरातल पर प्रभावी रूप से उतारने की प्रतिबद्धता को दर्शाती है।