‘सेवा सेतु’ पोर्टल से मात्र 3 दिनों में बना आय प्रमाण पत्र
सुकमा, 27 जूलाई 2026/sns/- दूरस्थ और वनांचल क्षेत्रों में जब डिजिटल गवर्नेंस की ताकत एक आम छात्र के सपनों को पंख लगाती है, तो सुशासन की असली तस्वीर सामने आती है। सुकमा जिले के ग्राम नींबूपदर के रहने वाले छात्र अजय कुमार (पिता श्री कोसा) के लिए छत्तीसगढ़ सरकार का “सेवा सेतु“ पोर्टल किसी वरदान से कम साबित नहीं हुआ। अजय को “पीएम श्री स्वामी आत्मानन्द हिंदी मीडियम स्कूल“ में कक्षा 11वीं में दाखिले के लिए बेहद कम समय में आय प्रमाण पत्र की आवश्यकता थी। शिक्षा की राह में खड़ी इस कागजी औपचारिकता को लेकर परिवार चिंतित था, लेकिन मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में चल रहे डिजिटल अभियान ने इस चिंता को पल भर में दूर कर दिया।
अजय ने 28 जून 2026 को तहसील कार्यालय सुकमा में “सेवा सेतु“ पोर्टल के माध्यम से ऑनलाइन आवेदन किया। आमतौर पर सरकारी दस्तावेजों के लिए लगने वाले हफ्तों के समय के विपरीत, जिला प्रशासन की संवेदनशीलता के चलते यह आवेदन तेजी से आगे बढ़ा। सेवा सेतु केंद्र की त्वरित और मुस्तैद कार्यप्रणाली का नतीजा यह रहा कि महज 3 दिनों के भीतर छात्र का आय प्रमाण पत्र बनकर तैयार हो गया। समय पर दस्तावेज हाथ में आते ही अजय का स्कूल में बिना किसी रुकावट के दाखिला हो गया, जिससे एक होनहार छात्र का पूरा साल बर्बाद होने से बच गया।
छात्र अजय कुमार ने बताया कि मुझे 11वीं में एडमिशन के लिए आय प्रमाण पत्र की बहुत जरूरत थी। सेवा सेतु पोर्टल से आवेदन करने के सिर्फ 3 दिनों में मुझे सर्टिफिकेट मिल गया और मेरा एडमिशन हो गया। मैं इस त्वरित मदद के लिए सेवा सेतु टीम और जिला प्रशासन का दिल से धन्यवाद करता हूँ।
सुकमा जैसे सुदूर और संवेदनशील क्षेत्र में मात्र 3 दिनों में सरकारी सेवा का लाभ मिलना जिला प्रशासन की जनहितैषी सोच और प्रशासनिक तत्परता का बेहतरीन उदाहरण है। प्रशासन की इस डिजिटल पहल से न केवल ग्रामीणों और विद्यार्थियों का समय और पैसा बच रहा है, बल्कि बिचौलियों की भूमिका भी पूरी तरह खत्म हो गई है। “सेवा सेतु“ पोर्टल आज छत्तीसगढ़ में सुशासन, पारदर्शिता और त्वरित न्याय का एक चमकता हुआ प्रतीक बनकर उभरा है, जो अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति के चेहरों पर मुस्कान ला रहा है।