बाढ़ से हुए नुकसान का त्वरित आकलन कर राहत प्रकरण तैयार करें
बीजापुर, 04 अगस्त 2026/sns/- जिले में विगत दिनों हुई लगातार बारिश से उत्पन्न बाढ़ की स्थिति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर श्री विश्वदीप ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि बाढ़ से हुई क्षति का त्वरित सर्वेक्षण कर आरबीसी 6-4 के तहत पात्र प्रकरण शीघ्र तैयार किए जाएं, ताकि प्रभावित परिवारों को समय पर राहत एवं आर्थिक सहायता उपलब्ध कराई जा सके।
साप्ताहिक समय-सीमा की समीक्षा बैठक में कलेक्टर ने कहा कि लगातार वर्षा के कारण भोपालपटनम एवं भैरमगढ़ विकासखंड सर्वाधिक प्रभावित रहे। वर्तमान में स्थिति सामान्य हो चुकी है, किन्तु मानसून अभी जारी है। ऐसे में सभी विभाग पूर्ण सतर्कता के साथ कार्य करें तथा किसी भी संभावित आपदा से निपटने के लिए बेहतर समन्वय और त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करें।
कलेक्टर श्री विश्वदीप ने बाढ़ के दौरान प्रशासन, पुलिस, स्वास्थ्य, नगर सेना तथा अन्य विभागों द्वारा किए गए राहत एवं बचाव कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि सभी विभागों ने उत्कृष्ट टीमवर्क का परिचय दिया है। उन्होंने निर्देश दिए कि इसी समन्वय और तत्परता के साथ आगे भी कार्य किया जाए, ताकि जन-धन की हानि को न्यूनतम रखते हुए प्रभावित नागरिकों तक समय पर राहत पहुंचाई जा सके।
उन्होंने राहत शिविरों में राशन, पेयजल एवं दैनिक उपयोग की सभी आवश्यक सामग्रियों की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही राहत शिविरों एवं राहत भवनों को हर समय उपयोग योग्य स्थिति में रखने पर विशेष बल दिया।
कलेक्टर ने बाढ़ से क्षतिग्रस्त शासकीय भवनों, विशेषकर स्कूलों, आंगनबाड़ी केन्द्रों, आश्रमों एवं छात्रावासों की आवश्यक मरम्मत प्राथमिकता के आधार पर कराने के निर्देश दिए, ताकि विद्यार्थियों की पढ़ाई और आवासीय व्यवस्थाएं प्रभावित न हों।
लोक निर्माण विभाग एवं प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की निर्माण एजेंसियों को निर्देशित किया गया कि बाढ़ से क्षतिग्रस्त पुल-पुलियों, सड़कों एवं कटाव वाले स्थलों की शीघ्र मरम्मत कर आवागमन सुचारु किया जाए। वहीं जिला बाढ़ आपदा कंट्रोल रूम को 24 घंटे सक्रिय रखने तथा किसी भी आपात स्थिति में तत्काल राहत एवं बचाव कार्य प्रारंभ करने के निर्देश दिए गए। स्वास्थ्य विभाग को जीवनरक्षक दवाइयों एवं अन्य आवश्यक औषधियों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने, नियमित स्वास्थ्य शिविर आयोजित करने तथा मलेरिया, डेंगू एवं अन्य जलजनित रोगों की रोकथाम एवं त्वरित उपचार के लिए विशेष अभियान संचालित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही मच्छरों के प्रजनन पर प्रभावी नियंत्रण के लिए आवश्यक निरोधात्मक उपाय करने पर भी बल दिया गया। शैक्षणिक एवं आवासीय संस्थानों के आसपास जलभराव की स्थिति न बनने देने तथा समय पर जल निकासी एवं साफ-सफाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
बैठक में कलेक्टर श्री विश्वदीप ने विभिन्न विभागों की योजनाओं एवं विकास कार्यों की प्रगति की भी विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने बस्तर मुन्ने कार्यक्रम के अंतर्गत संचालित योजनाओं के शत-प्रतिशत सैचुरेशन एवं पोर्टल पर समयबद्ध प्रविष्टि सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही नक्सल पीड़ित परिवारों, नक्सली हिंसा में घायल व्यक्तियों तथा आत्मसमर्पित नक्सलियों को प्राथमिकता के आधार पर प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने के निर्देश दिए।
परिवहन विभाग को पात्र हितग्राहियों के लिए सार्वजनिक परिवहन में 50 प्रतिशत किराया रियायत का लाभ दिलाने हेतु पात्रता प्रमाण-पत्र शीघ्र जारी करने के निर्देश दिए गए। वहीं कृषि विभाग को एग्रीस्टेक के अंतर्गत किसानों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने, राजस्व विभाग को स्वामित्व योजना के तहत लंबित पट्टों का वितरण शीघ्र पूर्ण करने तथा श्रम विभाग को पंजीकृत श्रमिकों के बच्चों को छात्रवृत्ति योजना का अधिकतम लाभ दिलाने के निर्देश दिए गए।
बैठक में मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत श्रीमती नम्रता चौबे, अपर कलेक्टर श्री भूपेन्द्र अग्रवाल, संयुक्त कलेक्टर श्री उत्तम सिंह पंचारी सहित जिला स्तरीय अधिकारी, सभी एसडीएम, डिप्टी कलेक्टर, तहसीलदार, जनपद पंचायतों के मुख्य कार्यपालन अधिकारी तथा नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी उपस्थित रहे।