’बिजली की खपत हुई कम, एम ऊर्जा योजना से

राजनांदगांव, 04 अगस्त 2026/sns/- राजनांदगांव रीजन में जुलाई-2026 के दौरान स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की बिजली खपत में उल्लेखनीय कमी दर्ज हुई है। स्लैब-वार उपभोग आंकड़ों के अनुसार कुल 387295 स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं में से 377472 उपभोक्ता (लगभग 97 प्रतिशत) 400 यूनिट तक बिजली खपत की श्रेणी में रहे हैं। इससे राज्य सरकार की एम ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) का लाभ अधिक उपभोक्ताओं को मिलेगा।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने जून-जुलाई के खपत का तुलनात्मक अध्ययन किया। इसमें पता चला कि जुलाई 2026 में कुल बिजली खपत 46.53 मिलियन यूनिट (एमयू) रही, जो जून-2026 में दर्ज 61.09 मिलियन यूनिट (एमयू) की तुलना में लगभग 24 प्रतिशत कम है।

जारी आंकड़ों के अनुसार जून-2026 की तुलना में जुलाई-2026 में कुल स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं की संख्या लगभग स्थिर रही, किंतु उपभोक्ताओं के स्लैब-वार वितरण में उल्लेखनीय परिवर्तन दर्ज किया गया। 400 यूनिट तक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या जून में 350500 से बढ़कर जुलाई मे 377472 हो गई, इस प्रकार कुल 26972 अतिरिक्त विद्युत उपभोक्ताओं को एम ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) अन्तर्गत छूट का लाभ मिला है। वहीं इस वर्ग की कुल बिजली खपत 44.17 मिलियन यूनिट से घटकर 39.58 मिलियन यूनिट रह गई।

इसी प्रकार 400 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं की संख्या 25761 से घटकर 9823 रह गई, जो 61.87 प्रतिशत की कमी दर्शाती है। इस वर्ग की कुल बिजली खपत भी 16.92 मिलियन यूनिट से घटकर 6.95 मिलियन यूनिट दर्ज की गई, जो 58.92 प्रतिशत की कमी दर्शाती है।

सर्वाधिक कमी 600 यूनिट से अधिक बिजली खपत करने वाले उपभोक्ताओं के वर्ग में दर्ज की गई। इस श्रेणी में उपभोक्ताओं की संख्या में 65.90 प्रतिशत की कमी तथा बिजली खपत में 58.02 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।

विभाग के अनुसार बिजली खपत में यह कमी मुख्यतः दो कारणों से हुई है। पहला, मानसून सीजन के दौरान एयर कंडीशनर एवं कूलर जैसे विद्युत उपकरणों के उपयोग में स्वाभाविक मौसमी कमी तथा दूसरा, राज्य सरकार की एम ऊर्जा (मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान) का लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से उपभोक्ताओं द्वारा अपनी बिजली खपत को नियोजित रूप से सीमित रखना।

पावर कम्पनी द्वारा स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ता के मध्य फैले अफवाह को ध्यान में रखते हुये कुछ स्मार्ट मीटरधारी उपभोक्ता के परिसर में पुराने इलेक्ट्रानिक मीटर बतौर चेक मीटर लगाये गये थे, जिनसे प्राप्त आंकड़ो का अवलोकन करने पर दोनो मीटर पर खपत लगभग समान पायी गई है। जो कि स्मार्ट मीटर के तेज चलने की अफवाह को स्वतः ही खंडित करता है।

छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी ने स्पष्ट किया है कि यह सभी आंकड़े स्मार्ट मीटरधारी घरेलू उपभोक्ताओं के वास्तविक मीटर रीडिंग पर आधारित हैं तथा पूर्णतः सत्यापित हैं। मीटर संबंधी किसी भी प्रकार की अनियमितता की शिकायत प्राप्त होने पर विभाग द्वारा तत्काल जांच की जाती है।

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