राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस 10 अगस्त को, 17 अगस्त को होगा मॉप-अप राउंड

महासमुंद, 08 अगस्त 2026/sns/- कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह के निर्देशानुसार मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के मार्गदर्शन में जिले में राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस का आयोजन 10 अगस्त 2026 को किया जाएगा। अभियान के तहत जिले के 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के 4,36,131 बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को कृमिनाशक दवा खिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

कलेक्टर श्री विनय कुमार लंगेह ने अभियान में 100 प्रतिशत लक्षित बच्चों को दवा खिलाने का लक्ष्य प्राप्त करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने जिला शिक्षा अधिकारी एवं जिला कार्यक्रम अधिकारी, महिला एवं बाल विकास विभाग को स्वास्थ्य विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर सभी पात्र बच्चों तक अभियान की पहुंच सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं।

सी एम ओ डॉ. आई. नागेश्वर राव ने बताया कि अभियान को सफल बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा व्यापक तैयारियां की गई हैं। मैदानी स्वास्थ्य अमले, मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं एवं संबंधित कर्मचारियों को प्रशिक्षण दिया गया है। प्रशिक्षण में कृमिनाशक दवा की निर्धारित खुराक, दवा खिलाने की प्रक्रिया, बच्चों की पहचान तथा दवा सेवन से छूटे बच्चों के लिए मॉप-अप राउंड की जानकारी दी गई है।

जिला टीकाकरण अधिकारी शिशु रोग विशेषज्ञ डॉ. अरविन्द गुप्ता ने बताया की कृमि संक्रमण से बच्चों के स्वास्थ्य पर बुरा असर पड़ता है कृमि संक्रमण बच्चों में खून की कमी, कुपोषण, कमजोरी तथा शारीरिक एवं मानसिक विकास को प्रभावित कर सकता है। कृमिनाशक दवा का सेवन बच्चों को कृमि संक्रमण से बचाने और उनके बेहतर स्वास्थ्य एवं पोषण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।

राष्ट्रीय कृमि मुक्ति दिवस के दौरान 1 से 19 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों एवं किशोर-किशोरियों को निर्धारित प्रोटोकॉल के अनुसार एल्बेंडाजोल 1 से 2 वर्ष 200 mg एवं 2 वर्ष से अधिक को 400 mg की कृमिनाशक दवा दी जाएगी। दवा का सेवन स्वास्थ्यकर्मी, मितानिन, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता अथवा शिक्षक की निगरानी में कराया जाएगा। यह दवाई सभी आंगनबाडी केन्द्रो, सरकारी गैर सरकारी स्कूलों, महाविद्यालयों में खिलाई जायेगी। 10 अगस्त को दवा सेवन से छूटे बच्चों एवं किशोर-किशोरियों के लिए 17 अगस्त 2026 को मॉप-अप राउंड आयोजित किया जाएगा। मितानिनों, आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं, शिक्षकों एवं मैदानी स्वास्थ्य अमले द्वारा छूटे हुए बच्चों की पहचान कर उन्हें मॉप-अप दिवस पर दवा खिलाना सुनिश्चित किया जाएगा।

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