“सशक्त आंगनबाड़ी अभियान“ से नौनिहालों की मजबूत हो रही शैक्षणिक नींव
सुकमा, 11 अगस्त 2026/sns/- जिले में बच्चों के समग्र विकास और उन्हें विद्यालयीन शिक्षा के लिए बेहतर ढंग से तैयार करने के उद्देश्य से महिला एवं बाल विकास विभाग द्वारा संचालित “सशक्त आंगनबाड़ी अभियान” प्रभावी रूप से आगे बढ़ रहा है। कलेक्टर श्री अमित कुमार के मार्गदर्शन में मंगलवार को जिले की पांचों परियोजनाओं में अभियान की परियोजना स्तरीय गतिविधियों का आयोजन किया गया। अभियान के तहत उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले बच्चों का चयन कर उन्हें अगले चरण के मूल्यांकन के लिए तैयार किया जा रहा है। जिला स्तर पर चयनित बच्चों की गतिविधियों का मूल्यांकन 13 अगस्त 2026 को किया जाएगा।
अभियान के अंतर्गत प्रशिक्षण प्राप्त शिक्षकों द्वारा जिले के 1044 आंगनबाड़ी केन्द्रों में सप्ताह में एक दिन, एक घंटे तक मॉड्यूल 01 से 11 तक निर्धारित गतिविधियां कराई जा रही हैं। समीपस्थ प्राथमिक शालाओं के शिक्षक भी नियमित रूप से आंगनबाड़ी केन्द्रों में पहुंचकर 3 से 6 वर्ष आयु वर्ग के बच्चों को खेल, कहानी, बालगीत, अक्षर ज्ञान, गिनती एवं रचनात्मक गतिविधियों के माध्यम से सीखने का अवसर दे रहे हैं। इस नवाचारी पहल से बच्चों में सीखने की रुचि, सहभागिता और आत्मविश्वास को बढ़ावा मिल रहा है।
“सशक्त आंगनबाड़ी अभियान” का मुख्य उद्देश्य बच्चों को विद्यालय में प्रवेश से पूर्व ही सीखने के लिए तैयार करना और उनकी शैक्षणिक नींव को मजबूत बनाना है। अभियान के माध्यम से आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं और शिक्षकों के समन्वित प्रयास से प्रारंभिक बाल्यावस्था में बच्चों के बौद्धिक, भाषायी एवं रचनात्मक विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। अगस्त माह में अभियान की गतिविधियों का चरणबद्ध मूल्यांकन 6 अगस्त को पंचायत स्तर, 8 अगस्त को सेक्टर स्तर, 11 अगस्त को परियोजना स्तर तथा 13 अगस्त को जिला स्तर पर किया जा रहा है।
मूल्यांकन प्रक्रिया को पारदर्शी एवं प्रतिस्पर्धात्मक स्वरूप देते हुए प्रत्येक ग्राम पंचायत से 5 बच्चों का चयन किया जाएगा। पंचायत स्तर से चयनित बच्चों में से सेक्टर स्तर पर 5-5 बच्चों का चयन होगा तथा सेक्टर स्तर के चयनित बच्चों में से प्रत्येक परियोजना से 10-10 उत्कृष्ट बच्चों का चयन जिला स्तरीय मूल्यांकन के लिए किया जाएगा। अभियान की सफलता में परियोजना अधिकारियों, सेक्टर सुपरवाइजरों, संकुल समन्वयकों, शिक्षकों एवं आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं की महत्वपूर्ण भूमिका है। जिला प्रशासन की इस पहल से सुकमा के आंगनबाड़ी केन्द्र बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा और सर्वांगीण विकास के सशक्त केंद्र के रूप में विकसित हो रहे हैं।