filter: 0; fileterIntensity: 0.0; filterMask: 0; brp_mask:0; brp_del_th:null; brp_del_sen:null; delta:null; module: photo;hw-remosaic: false;touch: (-1.0, -1.0);sceneMode: 8;cct_value: 0;AI_Scene: (-1, -1);aec_lux: 0.0;aec_lux_index: 0;albedo: ;confidence: ;motionLevel: -1;weatherinfo: null;temperature: 34;
जागरूक उपभोक्ता ही सशक्त उपभोक्ता
राजनांदगांव, 19 अगस्त 2026/sns/- विद्युत उपभोक्ताओं को उनके अधिकारों, शिकायत निवारण की प्रक्रिया, आधुनिक विद्युत तकनीक तथा उपलब्ध शिकायत निवारण मंचों के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से आयोजित “विद्युत उपभोक्ता जागरूकता एवं शिकायत निवारण प्रक्रिया संबंधी सेमिनार” बुधवार को एबिस ग्रीन होटल, राजनांदगांव में सम्पन्न हुआ। सेमिनार में विशेषज्ञों ने उपभोक्ताओं को शिकायत दर्ज कराने से लेकर उसके समाधान तक की प्रक्रिया के साथ-साथ बिजली उत्पादन से लेकर पारेषण, वितरण और अंततः उपभोक्ता के घर तक बिजली पहुंचाने की पूरी व्यवस्था को विस्तार पूर्वक समझाया। विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम (CGRF), राजनांदगांव के संयोजन एवं छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड, राजनांदगांव के सौजन्य से आयोजित इस सेमिनार में CSERC के सदस्यगण, विद्युत लोकपाल, CGRF के अध्यक्ष गण, विद्युत विभाग के वरिष्ठ अधिकारी, विशेषज्ञ एवं विद्युत उपभोक्ता उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वक्ताओं ने कहा कि उपभोक्ता केवल बिजली का बिल चुकाने वाला व्यक्ति नहीं, बल्कि विद्युत व्यवस्था का महत्वपूर्ण और जागरूक हितधारक है। इसलिए उपभोक्ता को अपने अधिकारों के साथ-साथ यह जानकारी भी होनी चाहिए कि बिजली किस प्रकार उत्पादित होती है, किस तरह पारेषित एवं वितरित होकर उसके घर तक पहुंचती है तथा विद्युत सेवा से संबंधित शिकायत होने पर उसका समाधान किस व्यवस्था के माध्यम से कराया जा सकता है।
सेमिनार में अतिथियों एवं विशेषज्ञों ने विद्युत व्यवस्था की पूरी श्रृंखला पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि विद्युत का उत्पादन विद्युत उत्पादन केंद्रों में होता है, जिसके बाद उच्च वोल्टेज के माध्यम से इसका पारेषण किया जाता है। पारेषण व्यवस्था के बाद विद्युत वितरण तंत्र के माध्यम से विभिन्न क्षेत्रों, उपकेंद्रों एवं वितरण लाइनों तक पहुंचती है और अंततः घरेलू, कृषि, वाणिज्यिक एवं औद्योगिक उपभोक्ताओं तक विद्युत आपूर्ति की जाती है। वक्ताओं ने यह भी बताया कि उपभोक्ता के घर तक निर्बाध और गुणवत्तापूर्ण बिजली पहुंचाने के पीछे उत्पादन, पारेषण एवं वितरण से जुड़े अधिकारियों, तकनीकी कर्मचारियों, ग्रिड, उपकेंद्रों, ट्रांसफार्मरों एवं वितरण नेटवर्क की एक व्यापक एवं समन्वित व्यवस्था कार्य करती है। इस पूरी प्रक्रिया को समझाते हुए उपभोक्ताओं को विद्युत सेवा के तकनीकी पक्ष से भी परिचित कराया गया।
सेमिनार में ईडी ओएंडएम, रायपुर श्री संजय खंडेलवाल ने स्मार्ट मीटर की विशेषताओं एवं उपयोगिता पर विस्तारपूर्वक जानकारी दी। उन्होंने स्मार्ट मीटर की कार्यप्रणाली, इसकी आधुनिक तकनीकी विशेषताओं तथा उपभोक्ताओं के लिए इसके महत्व को बारीकी से समझाया। उन्होंने बताया कि स्मार्ट मीटर आधुनिक विद्युत वितरण व्यवस्था का महत्वपूर्ण हिस्सा है, जो विद्युत खपत से संबंधित जानकारी को अधिक व्यवस्थित एवं तकनीकी रूप से सक्षम तरीके से उपलब्ध कराने में सहायक है। स्मार्ट मीटर के माध्यम से विद्युत खपत की निगरानी, मीटर रीडिंग की आधुनिक व्यवस्था तथा वितरण प्रणाली को अधिक तकनीक आधारित बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता मिलती है। श्री खंडेलवाल ने स्मार्ट मीटर से जुड़ी उपभोक्ताओं की सामान्य जिज्ञासाओं और भ्रांतियों को भी स्पष्ट करते हुए इसकी उपयोगिता एवं आधुनिक विद्युत वितरण व्यवस्था में इसकी भूमिका को समझाया। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि नई तकनीक का उद्देश्य विद्युत वितरण व्यवस्था में पारदर्शिता, दक्षता और उपभोक्ता सुविधा