खाद्य एवं औषधि प्रशासन द्वारा सरगुजा संभाग के चार जिलों में पहली बार 930 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं का प्रशिक्षण

अम्बिकापुर, 25 अगस्त 2026/sns/-  स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन तैयार करने तथा उपभोक्ताओं को सुरक्षित खाद्य पदार्थ उपलब्ध कराने के उद्देश्य से खाद्य एवं औषधि प्रशासन (FDA),छत्तीसगढ़ द्वारा नेस्लेके सहयोग से सरगुजा संभाग के चार जिलों मनेन्द्रगढ़, बलरामपुर, जशपुर एवं अंबिकापुर में विशेष FoSTaC (फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सार्टिफिकेट) प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया गया। संभाग में पहली बार स्ट्रीट फूड विक्रेताओं के लिए आयोजित इस विशेष प्रशिक्षण में कुल 930 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता से संबंधित प्रशिक्षण प्रदान किया गया।

प्रशिक्षण कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य पदार्थों की सुरक्षित तैयारी, खाद्य सामग्री के उचित रख-रखाव एवं भंडारण, व्यक्तिगत स्वच्छता, कार्यस्थल की स्वच्छता और खाद्य सुरक्षा मानकों के पालन के संबंध में व्यावहारिक जानकारी एवं आवश्यक कौशल प्रदान करना रहा। प्रशिक्षण के माध्यम से विक्रेताओं को यह समझाया गया कि भोजन की गुणवत्ता के साथ-साथ उसकी स्वच्छता और सुरक्षा भी उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है।

चार जिलों के 930 विक्रेता हुए प्रशिक्षित
फूड सेफ्टी ट्रेनिंग एंड सार्टिफिकेट प्रशिक्षण के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़, बलरामपुर, जशपुर और अंबिकापुर जिले के कुल 930 स्ट्रीट फूड विक्रेताओं ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। प्रशिक्षण के दौरान स्ट्रीट फूड व्यवसाय में प्रतिदिन अपनाई जाने वाली स्वच्छता संबंधी प्रक्रियाओं, खाद्य पदार्थों को सुरक्षित रखने तथा भोजन को संदूषण से बचाने के उपायों की जानकारी दी गई।

प्रशिक्षार्थियों को खाद्य सामग्री की खरीद से लेकर उसके भंडारण, तैयारी और उपभोक्ताओं को परोसने तक प्रत्येक स्तर पर खाद्य सुरक्षा के आवश्यक प्रावधानों के बारे में बताया गया। साथ ही, स्वच्छ पानी के उपयोग, खाद्य पदार्थों को उचित तापमान पर रखने और साफ-सफाई के निर्धारित मानकों का पालन करने के महत्व को भी समझाया गया।

व्यक्तिगत एवं कार्यस्थल की स्वच्छता पर विशेष जोर
प्रशिक्षण के दौरान व्यक्तिगत स्वच्छता, खाद्य सुरक्षा के गोल्डन रूल्स, खाद्य सामग्री का सुरक्षित भंडारण, तापमान प्रबंधन, सुरक्षित पेयजल का उपयोग, कचरा प्रबंधन, बर्तनों एवं उपकरणों की स्वच्छता, कीट नियंत्रण एवं संदूषण से बचाव जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर विस्तृत जानकारी दी गई।

विक्रेताओं को सुरक्षित तरीके से भोजन तैयार करने एवं परोसने की वैज्ञानिक विधियों के संबंध में भी प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें बताया गया कि हाथों की नियमित सफाई, साफ कपड़ों का उपयोग, खाद्य पदार्थों को ढंककर रखना, कच्चे एवं पके भोजन को अलग रखना तथा उपकरणों की नियमित सफाई जैसी छोटी-छोटी सावधानियां खाद्य जनित बीमारियों की रोकथाम में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं।

प्रशिक्षण में प्रतिभागियों को खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम, 2006 से संबंधित नियमों तथा FSSAI द्वारा निर्धारित खाद्य सुरक्षा प्रावधानों की भी जानकारी दी गई।

खाद्य एवं औषधि प्रशासन के अधिकारियों  ने किया संवाद और उत्साहवर्धन
प्रशिक्षण कार्यक्रमों में खाद्य एवं औषधि प्रशासन, छत्तीसगढ़ के वरिष्ठ अधिकारियों ने सहभागिता कर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं से संवाद किया। अधिकारियों ने विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता संबंधी अच्छी प्रथाओं को अपने दैनिक व्यवसाय का अभिन्न हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया।

अधिकारियों ने कहा कि उपभोक्ताओं को सुरक्षित, स्वच्छ एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराना सामूहिक जिम्मेदारी है। स्ट्रीट फूड विक्रेता बड़ी संख्या में लोगों तक प्रतिदिन खाद्य पदार्थ पहुंचाते हैं, इसलिए खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने में उनकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। उन्होंने कहा कि क्षमता-विकास से जुड़े ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रम खाद्य सुरक्षा की संस्कृति को मजबूत करने के साथ ही उपभोक्ताओं का विश्वास बढ़ाने में भी सहायक होते हैं।

प्रशिक्षण के बाद प्रमाण-पत्र एवं हाइजीन किट का वितरण
प्रशिक्षण के सफल समापन के बाद प्रतिभागी स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को FoSTaC (FSSAI) प्रशिक्षण प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। इसके साथ ही उन्हें स्ट्रीट फूड व्यवसाय में स्वच्छता बनाए रखने के लिए आवश्यक सामग्री से युक्त हाइजीन किट भी वितरित की गई।

हाइजीन किट के माध्यम से विक्रेताओं को अपने कार्यस्थल पर स्वच्छता संबंधी आवश्यक सावधानियां अपनाने के लिए प्रोत्साहित किया गया। प्रशिक्षण और सामग्री वितरण का उद्देश्य केवल जानकारी प्रदान करना ही नहीं, बल्कि विक्रेताओं को दैनिक व्यवसाय में खाद्य सुरक्षा मानकों को व्यवहार में लागू करने के लिए सक्षम बनाना रहा।

खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता की शपथ
कार्यक्रम के समापन अवसर पर स्ट्रीट फूड विक्रेताओं को खाद्य सुरक्षा एवं स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। प्रतिभागियों ने संकल्प लिया कि वे व्यक्तिगत एवं कार्यस्थल की स्वच्छता का विशेष ध्यान रखेंगे, सुरक्षित खाद्य सामग्री का उपयोग करेंगे, भोजन को संदूषण से बचाएंगे तथा उपभोक्ताओं को स्वच्छ, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण भोजन उपलब्ध कराने के लिए खाद्य सुरक्षा मानकों का पालन करेंगे।

सरगुजा संभाग के चार जिलों में पहली बार आयोजित यह प्रशिक्षण पहल स्ट्रीट फूड विक्रेताओं की क्षमता बढ़ाने और खाद्य सुरक्षा के प्रति जागरूकता को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इसके माध्यम से खाद्य व्यवसाय से जुड़े विक्रेताओं को सुरक्षित खाद्य व्यवहार अपनाने के साथ-साथ उपभोक्ताओं के स्वास्थ्य एवं हितों के प्रति अपनी जिम्मेदारी निभाने के लिए प्रोत्साहित किया गया।

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