स्नेह के पर्व पर स्वाभिमान का उपहार

सुकमा, 27 जूलाई 2026/sns/- पटेलपारा की रहने वाली श्रीमती शिवलक्ष्मी पुजारी के लिए इस बार का रक्षाबंधन सिर्फ भाई-बहन के स्नेह का पर्व नहीं, बल्कि स्वाभिमान और आर्थिक संबल का उत्सव बन गया है। रक्षाबंधन से ठीक पहले जैसे ही उनके बैंक खाते में “महतारी वंदन योजना“ की राशि पहुंची, उनके चेहरे पर एक आश्वस्त और आत्मनिर्भर मुस्कान तैर गई। शिवलक्ष्मी बताती हैं कि अब उन्हें त्योहार की तैयारियों- राखी, मिठाई और फलों की खरीदारीकृके लिए किसी पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। अपने पैसों से खुशियां खरीदने का यह अनुभव उनके लिए सिर्फ राहत नहीं, बल्कि गहरा संतोष लेकर आया है।

शिवलक्ष्मी अकेली नहीं हैं, बल्कि यह खुशी पूरे छत्तीसगढ़ की 67.28 लाख से अधिक बहनों के घर पहुंची है। मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय ने महतारी वंदन योजना की 31वीं किस्त के तहत प्रदेश भर में 631 करोड़ रुपये से अधिक की राशि सीधे महिलाओं के खातों में अंतरित की है। सुकमा जैसे दूरस्थ वनांचल जिले में ही 53 हजार 489 महिलाओं को इस योजना का निरंतर लाभ मिल रहा है, जो यह दर्शाता है कि विकास की धारा हर उस चौखट तक पहुंच रही है, जहां सशक्तिकरण की सबसे ज्यादा जरूरत थी।

शिवलक्ष्मी कहती हैं कि इस योजना ने महिलाओं की जिंदगी में एक बड़ा बदलाव ला दिया है। नियमित आर्थिक मदद मिलने से परिवार में उनका आत्मविश्वास बढ़ा है और वे अपनी छोटी-बड़ी जरूरतों के लिए पूरी तरह दूसरों पर निर्भर रहने की विवशता से मुक्त हुई हैं। मुख्यमंत्री के प्रति हृदय से आभार व्यक्त करते हुए वे कहती हैं, “विष्णु भैया की ओर से त्योहार से पहले मिला यह उपहार हमारे लिए केवल आर्थिक मदद नहीं, बल्कि एक भाई के अटूट स्नेह और भरोसे का प्रतीक है।”

शिवलक्ष्मी की यह कहानी बताती है कि जब जनकल्याणकारी नीतियां सीधे आम जन तक पहुंचती हैं, तो वे सिर्फ आंकड़े नहीं रहतीं, बल्कि परिवारों के जीवन स्तर और सामाजिक सम्मान को बदल देती हैं। त्योहार की खुशियों, भरोसे के मजबूत साथ और महिलाओं की आर्थिक आजादी की यह तस्वीर इस विश्वास को और पुख्ता करती है कि सुशासन के माध्यम से प्रदेश की हर महिला की तरक्की और आत्मनिर्भरता सुनिश्चित हो रही है।

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