स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की त्वरित जांच और उपचार सुनिश्चित करें
रायगढ़, 11 सितम्बर 2026/- जिले में स्वाइन फ्लू की रोकथाम एवं उपचार के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा की गई व्यवस्थाओं की कलेक्टर श्री मयंक चतुर्वेदी ने समीक्षा की। उन्होंने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों से जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति, जांच एवं उपचार व्यवस्था तथा स्वास्थ्य संस्थानों में उपलब्ध संसाधनों की जानकारी ली। कलेक्टर ने राज्य शासन के दिशा-निर्देशों के अनुरूप संदिग्ध मामलों की त्वरित जांच और समय पर उपचार सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
कलेक्टर ने कहा कि स्वाइन फ्लू के संदिग्ध मरीजों की पहचान होने पर उनकी चिकित्सकीय स्थिति के अनुसार तत्काल आवश्यक जांच एवं उपचार की व्यवस्था की जाए। मरीजों के स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करते हुए आवश्यकता के अनुसार चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने स्वास्थ्य संस्थानों में संक्रमण नियंत्रण संबंधी प्रोटोकॉल का गंभीरता से पालन करने तथा चिकित्सकों एवं स्वास्थ्य कर्मचारियों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।sbns-
हाई रिस्क समूह पर विशेष निगरानी
कलेक्टर ने गर्भवती महिलाओं, बच्चों, बुजुर्गों तथा गंभीर बीमारियों से पीड़ित व्यक्तियों जैसे हाई रिस्क समूह पर विशेष निगरानी रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसे व्यक्तियों में स्वाइन फ्लू के लक्षण पाए जाने पर जांच एवं उपचार में किसी प्रकार की देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने जिले के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों एवं प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी सतर्क रखते हुए लक्षण वाले मरीजों की समय पर पहचान और आवश्यक चिकित्सकीय सुविधा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए।
बचाव एवं जागरूकता पर भी जोर
कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग को स्वाइन फ्लू से बचाव एवं सावधानियों के संबंध में लोगों को जागरूक करने के निर्देश दिए। नागरिकों को खांसते या छींकते समय मुंह एवं नाक ढकने, हाथों की नियमित सफाई रखने तथा स्वाइन फ्लू के लक्षण दिखाई देने पर समय पर चिकित्सकीय सलाह लेने के लिए जागरूक किया जा रहा है। कलेक्टर ने स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि जिले में स्वाइन फ्लू की स्थिति पर सतत निगरानी रखते हुए सभी स्वास्थ्य संस्थानों के बीच बेहतर समन्वय बनाए रखें और संदिग्ध मामलों में जांच से लेकर उपचार तक की प्रक्रिया समयबद्ध रूप से पूरी करें।
पृथक उपचार एवं जांच की सुविधा
स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि स्वाइन फ्लू के मरीजों के उपचार के लिए जिला चिकित्सालय एवं मेडिकल कॉलेज में पृथक व्यवस्था की गई है। आवश्यकता के अनुसार मरीजों को अन्य मरीजों से अलग रखते हुए चिकित्सकीय निगरानी में उपचार उपलब्ध कराया जा रहा है। संदिग्ध मरीजों की जांच के लिए वीटीएम किट एवं आरटीपीसीआर जांच की सुविधा उपलब्ध है। आवश्यकतानुसार मरीजों के सैंपल लेकर जांच कराई जा रही है। उपचार के लिए ओसेल्टामिविर सहित आवश्यक दवाइयां उपलब्ध हैं। इसके साथ ही पीपीई किट, आवश्यक चिकित्सा उपकरण एवं अन्य जरूरी संसाधनों की उपलब्धता भी सुनिश्चित की गई है। कलेक्टर ने दवाइयों एवं चिकित्सा सामग्री का पर्याप्त स्टॉक बनाए रखने के निर्देश दिए, ताकि आवश्यकता के समय उपचार व्यवस्था में किसी प्रकार की बाधा न आए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ श्री अभिजीत बबन पठारे, मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ अनिल कुमार जगत, डीपीएम सुश्री रंजना पैकरा, डॉ राजकुमार गुप्ता, नोडल अधिकारी नशा मुक्ति अभियान केंद्र के डॉ.एम.जे.जावेद मारिकर, नोडल अधिकारी डॉ कैनन डेनियल, एपिडेमियोलॉजिस्ट डॉ कल्याणी पटेल एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित थे।