भारी बारिश, कमजोर नेटवर्क और ओटीपी की देरी भी नहीं रोक सकी जनसेवा की रफ्तार

सुकमा, 13 सितम्बर 2026/sns/- तेज बारिश, दुर्गम रास्ते और तकनीकी परेशानियों के बीच सुकमा जिले के स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं ने जनसेवा की ऐसी मिसाल पेश की, जिसने आयुष्मान मेगा कैंप को खास बना दिया। आम नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना का लाभ दिलाने के लिए पिछले शनिवार सुकमा, कोन्टा और छिंदगढ़ ब्लॉक में आयोजित मेगा कैंप में करीब 200 स्वास्थ्य टीमों को मैदान में उतारा गया। सुबह 8 बजे शुरू हुआ अभियान रात 8 बजे तक चलता रहा और बारिश के बीच भी स्वास्थ्यकर्मी गांव-गांव तथा निर्धारित कैंप स्थलों पर डटे रहे।
अभियान के दौरान कई इलाकों में लगातार बारिश ने स्वास्थ्य टीमों की राह मुश्किल कर दी। आवागमन में परेशानी के साथ नेटवर्क की समस्या और आयुष्मान पोर्टल पर तकनीकी दिक्कतों ने चुनौतियां और बढ़ा दीं। कई जगह ओटीपी के लिए भी हितग्राहियों को इंतजार करना पड़ा। लेकिन इन मुश्किलों के आगे स्वास्थ्यकर्मियों का हौसला नहीं टूटा। कहीं बारिश के बीच टीमों ने कैंप संभाला तो कहीं तकनीकी बाधाओं के बावजूद बार-बार प्रयास कर पात्र हितग्राहियों के कार्ड बनाने का काम जारी रखा।
इन तमाम चुनौतियों के बीच अभियान के दौरान 1,300 से अधिक आयुष्मान कार्ड बनाए गए। यह आंकड़ा केवल एक प्रशासनिक उपलब्धि नहीं, बल्कि उन स्वास्थ्यकर्मियों की मेहनत और प्रतिबद्धता की कहानी है, जिन्होंने खराब मौसम के बावजूद अपने कर्तव्य को प्राथमिकता दी। सुबह से देर शाम तक लगातार काम करते हुए टीमों ने यह सुनिश्चित करने का प्रयास किया कि कोई पात्र परिवार स्वास्थ्य सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण लाभ से वंचित न रह जाए। सुकमा जैसे भौगोलिक रूप से चुनौतीपूर्ण जिले में हासिल यह सफलता मैदानी अमले की सेवा भावना को रेखांकित करती है।
   कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं मार्गदर्शन में आयोजित इस अभियान की सफलता पर जिला प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने सभी स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं, मैदानी टीमों तथा सहयोगी विभागों के अधिकारी-कर्मचारियों की सराहना की है। अभियान ने यह संदेश भी दिया कि जनकल्याण की योजनाएं केवल कागजों तक सीमित नहीं, बल्कि उन्हें अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के लिए मैदान में उतरने वाले कर्मियों की मेहनत से ही उनका वास्तविक उद्देश्य पूरा होता है। बारिश ने रास्ते जरूर रोके, नेटवर्क ने इंतजार जरूर कराया, लेकिन सुकमा की स्वास्थ्य टीमों की सेवा भावना नहीं रुकीकृऔर यही इस अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धि रही।

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