राष्ट्रीय लोक अदालत में 18 हजार 121 प्रकरणों का निराकरण, 1.08 करोड़ रुपये से अधिक की अवार्ड राशि पारित

मुंगेली, 16 सितंबर 2026/sns/- वर्ष 2026 की तृतीय नेशनल लोक अदालत का आयोजन 12 सितंबर को जिला न्यायालय, तहसील न्यायालय एवं राजस्व न्यायालयों में किया गया। लोक अदालत में सुलह-समझौते एवं आपसी सहमति के माध्यम से बड़ी संख्या में प्रकरणों का निराकरण किया गया। उपलब्ध जानकारी के अनुसार कुल 18,121 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 1,08,57,596 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।
जिला न्यायालय मुंगेली में नेशनल लोक अदालत का शुभारंभ प्रातः 10.30 बजे प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती गिरिजा देवी मेरावी द्वारा दीप प्रज्ज्वलित कर किया गया। लोक अदालत के सफल आयोजन के लिए जिला न्यायालय में 06 खंडपीठ, तहसील न्यायालय लोरमी में 01 खंडपीठ तथा राजस्व न्यायालय में 08 खंडपीठों का गठन किया गया।

22,686 प्रकरण सुनवाई के लिए रखे गए

नेशनल लोक अदालत में जिला न्यायालय में लंबित 2,240 प्रकरणों तथा जिला न्यायालय एवं राजस्व न्यायालय में प्रस्तुत 20,446 प्री-लिटिगेशन प्रकरणों, कुल 22,686 प्रकरणों को सुनवाई के लिए रखा गया। इनमें न्यायालय में लंबित 1,907 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 73,99,926 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई। वहीं प्री-लिटिगेशन के 16,214 प्रकरणों का निराकरण करते हुए 34,57,670 रुपये की अवार्ड राशि पारित की गई।

सहमति से विवाद का हुआ समाधान

लोक अदालत के दौरान प्रथम व्यवहार न्यायाधीश वरिष्ठ श्रेणी/मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट श्री सतीश कुमार खाखा मुंगेली के खंडपीठ द्वारा न्यायालय में लंबित सिविल प्रकरण में भूमि के विक्रय से संबंधित विवाद का समझाईश एवं सुलह के माध्यम से समाधान कराया गया। पक्षकारों की सहमति बनने पर विवादित भूमि का रजिस्टर्ड विक्रय विलेख वादी के पक्ष में करने के लिए निर्धारित अवधि बढ़ाई गई। इसके पश्चात पक्षकारों की सहमति से अधिनिर्णय पारित करते हुए प्रकरण का राजीनामा के आधार पर निराकरण किया गया।

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