धुएँ से मुक्ति और खुशहाल जीवन
जगदलपुर, 17 सितंबर 2026/sns/- ग्रामीण अंचलों में महिलाओं के स्वास्थ्य, सम्मान और सशक्तिकरण की दिशा में केंद्र सरकार की ‘प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना’ एक बड़ा संबल बनकर उभरी है। ग्राम पंचायत हाट पदमूर की निवासी और अनुसूचित जनजाति वर्ग से ताल्लुक रखने वाली नीलो ठाकुर के दैनिक जीवन में इस योजना ने एक सुखद और स्थायी बदलाव ला दिया है। पहले नीलो ठाकुर को अपने परिवार के लिए दो वक्त का भोजन जुटाने हेतु पूरी तरह पारंपरिक चूल्हे और सूखी लकड़ियों पर निर्भर रहना पड़ता था। जंगल जाकर लकड़ियां बीनना और फिर घंटों धुआँ सहते हुए चूल्हा फूंकना उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का एक बेहद कठिन हिस्सा बन चुका था। इस पूरी कवायद में न केवल उनका काफी समय और शारीरिक श्रम जाया होता था, बल्कि चूल्हे से उठने वाले घने धुएँ की वजह से रसोई में सांस लेना तक मुश्किल हो जाता था, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी विपरीत असर पड़ने की आशंका बनी रहती थी।
प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना के तहत निःशुल्क एलपीजी गैस कनेक्शन मिलने के बाद नीलो ठाकुर की यह वर्षों पुरानी परेशानी हमेशा के लिए दूर हो गई। गैस चूल्हा मिलने से अब भोजन बहुत कम समय में और आसानी से तैयार हो जाता है, जिससे उनकी रसोई पूरी तरह धुआँ-मुक्त और स्वच्छ हो गई है। जंगल से लकड़ी इकट्ठा करने की रोज की थकान भरी भागदौड़ से मुक्ति मिलने के कारण अब उनके पास काफी समय बचता है, जिसे वे अपने परिवार की बेहतर देखभाल और अन्य जरूरी घरेलू कार्यों में लगा पा रही हैं।
अपने जीवन में आए इस सकारात्मक बदलाव पर खुशी जाहिर करते हुए नीलो ठाकुर बताती हैं कि उज्ज्वला योजना ने उनकी रसोई को धुएँ से मुक्त कर दिया है और खाना बनाना पहले से कहीं ज्यादा आसान हो गया है। गैस कनेक्शन मिलने से उनके समय और श्रम दोनों की बचत हो रही है। योजना के प्रति सरकार का आभार जताते हुए वे कहती हैं कि इस तरह की कल्याणकारी पहल दूरदराज के ग्रामीण और जरूरतमंद परिवारों के जीवन स्तर को सुधारने में बेहद प्रभावी भूमिका निभा रही है।