चंदकुमार ने मत्स्य कृषक बनकर बदली अपनी जिंदगी की दिशा
मुंगेली, 17 सितंबर 2026/sns/- ग्राम ढोढमा निवासी श्री चंदकुमार निषाद कभी परंपरागत रूप से मछली पकड़कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। सीमित आय के कारण जीवनयापन करना उनके लिए चुनौतीपूर्ण था। बेहतर आजीविका की तलाश में उन्होंने अपनी पारंपरिक गतिविधि को व्यवस्थित व्यवसाय में बदलने का निर्णय लिया और मत्स्य पालन विभाग से संपर्क कर उन्नत मत्स्य पालन तकनीक की जानकारी एवं मार्गदर्शन प्राप्त किया। आज यही पहल उनके जीवन में आर्थिक बदलाव का माध्यम बन गई है।
मत्स्य पालन के क्षेत्र में रुचि और विभागीय मार्गदर्शन से प्रेरित होकर चंदकुमार ने वर्ष 2024-25 में ग्राम के शासकीय साहू तालाब के 0.943 हेक्टेयर जलक्षेत्र को ग्राम पंचायत के माध्यम से 10 वर्षीय पट्टे पर प्राप्त किया। इसके बाद उन्होंने व्यवस्थित रूप से मत्स्य पालन का कार्य प्रारंभ किया। पहले वर्ष उन्होंने तालाब में लगभग 15 हजार विकसित प्रजाति के मत्स्य बीज का संचयन किया। लगभग सवा वर्ष की मेहनत और देखरेख के बाद उन्हें 20 क्विंटल मछली का उत्पादन प्राप्त हुआ। तैयार मछली को स्थानीय बाजार में विक्रय कर उन्होंने लगभग 03 लाख रुपये की आय अर्जित की।
आर्थिक स्थिति में आया सकारात्मक बदलाव
मत्स्य पालन व्यवसाय से चंदकुमार को लगभग 3 लाख रुपये की कुल आय और 2 लाख रुपये का शुद्ध लाभ प्राप्त हुआ। इससे उनकी आर्थिक स्थिति में संतोषजनक सुधार हुआ और परिवार के जीवन-यापन की परिस्थितियां बेहतर हुईं। सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यह रहा कि रोजगार की तलाश में उन्हें अब अन्य शहरों या गांवों में जाने की आवश्यकता नहीं रही। अपने ही गांव में मत्स्य पालन को आजीविका का माध्यम बनाकर वे आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। चंदकुमार की रुचि और प्रयासों को देखते हुए मत्स्य पालन विभाग द्वारा उन्हें आईस-बॉक्स एवं महाजाल उपलब्ध कराया गया। इन संसाधनों से उन्हें मछली पालन एवं उत्पादन के बाद मछलियों के बेहतर प्रबंधन में सहयोग मिला।