128 गांवों में पहुंची ‘सेवा एक्सप्रेस’, 4,745 परिवार जुड़े 452 स्व-सहायता समूहों से
सुकमा, 18 सितम्बर 2026/sns/- कभी दुर्गम भौगोलिक परिस्थितियों और नक्सल प्रभावित क्षेत्र के रूप में पहचाने जाने वाले सुकमा के नियद नेल्लानार गांवों में अब बदलाव की नई तस्वीर दिखाई दे रही है। जिला प्रशासन द्वारा 02 जनवरी 2026 को शुरू किया गया ‘सेवा एक्सप्रेस’ अभियान शासन और ग्रामीणों के बीच की दूरी कम करने का प्रभावी माध्यम बनकर उभरा है। अभियान का उद्देश्य केवल महिला स्व-सहायता समूहों का गठन करना नहीं, बल्कि दूरस्थ गांवों के ऐसे परिवारों को भी शासन की योजनाओं, वित्तीय सेवाओं और पहचान संबंधी सुविधाओं से जोड़ना है, जो लंबे समय से इन सेवाओं से वंचित रहे हैं। प्रशासन अब ग्रामीणों को कार्यालयों तक बुलाने के बजाय स्वयं उनकी चौखट तक पहुंचकर सेवाएं उपलब्ध करा रहा है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशन एवं जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में चल रहे इस अभियान ने गांवों में सामूहिकता और आत्मनिर्भरता की नई उम्मीद जगाई है। नियद नेल्लानार क्षेत्र के 159 चिन्हित गांवों में से अब तक 128 गांवों के 4,745 परिवारों को 452 स्व-सहायता समूहों से जोड़ा जा चुका है। इन समूहों के माध्यम से ग्रामीण महिलाओं को बचत, वित्तीय अनुशासन और सामूहिक आजीविका गतिविधियों से जुड़ने का अवसर मिल रहा है। गांव की महिलाओं के लिए समूह अब केवल बचत का माध्यम नहीं, बल्कि आर्थिक निर्णयों में भागीदारी और अपने परिवार की आय बढ़ाने की दिशा में आगे बढ़ने का मंच बन रहे हैं।
पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के तत्वाधान में सेवा एक्सप्रेस की चार मोबाइल टीमें नियमित रूप से दुर्गम अंचलों में पहुंचकर ग्रामीणों को मौके पर ही आवश्यक सेवाओं से जोड़ने का काम कर रही हैं। अभियान के तहत अब तक 776 दीदियों के व्यक्तिगत बैंक खाते खोलने और आधार कार्ड बनवाने में प्रशासन द्वारा सहयोग किया गया है। किसी महिला के लिए पहली बार बैंक खाता खुलना, पहचान का दस्तावेज हासिल करना या अपने समूह के माध्यम से आर्थिक गतिविधि शुरू करनाकृये छोटे दिखाई देने वाले कदम उनके जीवन में बड़े बदलाव की शुरुआत हैं। सेवा एक्सप्रेस के माध्यम से प्रशासन ऐसे परिवारों की भी पहचान कर रहा है, जो अब तक बुनियादी बैंकिंग और शासकीय सेवाओं की पहुंच से बाहर थे।
‘सेवा एक्सप्रेस’ की सबसे बड़ी उपलब्धि आंकड़ों से आगे बढ़कर भरोसे का निर्माण है। जब शासन की टीम सुदूर गांवों तक पहुंचती है, ग्रामीण महिलाओं को संगठित करती है और बैंकिंग व पहचान जैसी बुनियादी सुविधाओं से जोड़ती है, तो विकास उनके लिए केवल सरकारी योजना नहीं, बल्कि अपने जीवन में महसूस होने वाला बदलाव बन जाता है। नियद नेल्लानार के गांवों में यह पहल प्रशासन की ‘पहले पहुंच, फिर सशक्तिकरण’ की सोच को जमीन पर साकार कर रही है। मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में विकास की मुख्यधारा से जुड़ते इन गांवों में सेवा, विश्वास और आत्मनिर्भरता के जरिए एक नए भविष्य की नींव मजबूत हो रही है।