सेवा संकल्प अभियान से गांवों तक पहुंची पशु चिकित्सा सेवा

मुंगेली, 23 सितंबर 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमृत विकास तोपनो के निर्देशानुसार सेवा संकल्प अभियान के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उनके गांव में ही पशु चिकित्सा एवं पशुधन संबंधी आवश्यक सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। इसी क्रम में विकासखंड लोरमी एवं मुंगेली के पांच ग्रामों में निःशुल्क पशु चिकित्सा शिविर आयोजित किए गए, जिनमें कुल 138 पशुपालक लाभान्वित हुए। उपसंचालक डॉ. आर.एम. त्रिपाठी ने बताया कि मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से आयोजित इन शिविरों में पशुओं का उपचार, दवा वितरण, कृमिनाशक दवा पान, बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव, गर्भ परीक्षण एवं कृत्रिम गर्भाधान जैसी सेवाएं प्रदान की गईं। पशुपालकों को पशुओं के स्वास्थ्य, रोग नियंत्रण और बेहतर पशुपालन के संबंध में आवश्यक मार्गदर्शन भी दिया गया।
विकासखंड लोरमी के ग्राम रामहेपुर जे. में आयोजित शिविर में 05 पशुओं का उपचार, 41 को दवा वितरण, 21 को कृमिनाशक दवा पान तथा 30 पशुओं में बाह्य परजीवी नाशक का कार्य किया गया। शिविर से कुल 46 पशुपालक लाभान्वित हुए। ग्राम अमलडीही में आयोजित शिविर में 07 पशुओं का उपचार, 22 को दवा वितरण, 18 को कृमिनाशक दवा पान, 22 में बाह्य परजीवी नाशक का उपयोग तथा 01 कृत्रिम गर्भाधान किया गया। शिविर में कुल 25 पशुपालक लाभान्वित हुए। विकासखंड मुंगेली के ग्राम रोहरा में आयोजित शिविर में 15 पशुओं का उपचार, 20 को दवा वितरण, 35 को कृमिनाशक दवा पान, 10 में बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव, 1 गर्भ परीक्षण तथा 2 अन्य कार्य किए गए। शिविर से 15 पशुपालक लाभान्वित हुए। विकासखंड लोरमी के ग्राम रतियापारा में आयोजित शिविर में 08 पशुओं का उपचार, 27 को दवा वितरण, 31 को कृमिनाशक दवा पान तथा 48 पशुओं में बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव किया गया।
शिविर में कुल 36 पशुपालक लाभान्वित हुए। ग्राम खुर्सी में आयोजित शिविर में 13 पशुओं का उपचार, 21 को दवा वितरण, 30 को कृमिनाशक दवा पान, 05 में बाह्य परजीवी नाशक छिड़काव तथा 3 अन्य कार्य किए गए। शिविर से 16 पशुपालक लाभान्वित हुए। सेवा संकल्प अभियान के तहत मोबाइल वेटरनरी यूनिट के माध्यम से ग्रामीण क्षेत्रों में पशुपालकों को उनके घर-गांव के नजदीक ही आवश्यक पशु चिकित्सा सुविधा मिलने से उन्हें पशुओं को लेकर दूरस्थ केंद्रों तक जाने की परेशानी से राहत मिल रही है। शिविरों के माध्यम से पशु स्वास्थ्य संरक्षण, रोग नियंत्रण और बेहतर पशुपालन के प्रति भी पशुपालकों को जागरूक किया जा रहा है।

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