आरबीसी 6-4 के तहत आपदा पीड़ितों को मिला सहारा, प्रशासन तत्काल जारी किए भुगतान आदेश
सुकमा, 23 सितम्बर 2026/sns/- आम नागरिकों के सुख-दुख में तत्परता से साथ खड़े रहने की अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए जिला प्रशासन सुकमा ने मानवीय संवेदनशीलता का उत्कृष्ट उदाहरण प्रस्तुत किया है। कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी श्री अमित कुमार के द्वारा प्राकृतिक आपदा के तहत पानी में डूबने से जान गंवाने वाले 6 मृतकों के आश्रित परिजनों को राजस्व पुस्तक परिपत्र (आरबीसी 6-4) के अंतर्गत कुल 24 लाख रुपये (प्रत्येक प्रकरण में 4-4 लाख रुपये) की आर्थिक सहायता अनुदान राशि त्वरित रूप से स्वीकृत की गई है। प्रशासन की इस त्वरित कार्यवाही से पीड़ित परिवारों को संकट की इस घड़ी में बड़ा संबल और राहत मिली है।
प्रशासनिक आदेश के अनुसार, तहसील गादीरास के ग्राम (एटपाल) कोर्रा में पानी में डूबने की दुर्भाग्यपूर्ण घटना में जान गंवाने वाले 4 वर्षीय बालक अशोक पोड़ियामी के माता-पिता श्रीमती कोसी पोड़ियामी व श्री गंगा पोड़ियामी को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसी ग्राम की 5 वर्षीय बालिका गीता करटामी की डूबने से मृत्यु होने पर उनके माता-पिता श्रीमती हिंगे करटामी एवं श्री मुड़ा करटामी को 4 लाख रुपये की सहायता राशि प्रदान की गई है। इसके साथ ही तहसील जगरगुण्डा के कामापारा निवासी 1 वर्षीय मासूम बालक मुचाकी देवेन्द्र की डूबने से हुई मृत्यु के मामले में पीड़ित माता श्रीमती मुचाकी रामे एवं पिता श्री मुचाकी भीमा को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक सहायता की स्वीकृति दी गई है।
इसी क्रम में तहसील दोरनापाल अंतर्गत कामापेदागुड़ा निवासी 30 वर्षीय पण्डो गंगा की डूबने से मृत्यु होने पर उनके निकटतम वैध वारिसोंकृभाई पण्डो हिरमा तथा बहनों पण्डो जोगी व पण्डो नन्दे को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की राशि स्वीकृत की गई है। वहीं ग्राम पोलमपल्ली (तहसील दोरनापाल) निवासी 60 वर्षीय मृतिका पदाम पोदिये के परिजनोंकृपुत्र पदाम राजा एवं पदाम हिंगा को संयुक्त रूप से 4 लाख रुपये की आर्थिक मदद मंजूर की गई है। इसके अतिरिक्त तहसील छिन्दगढ़ के ग्राम कुन्दनपाल निवासी 32 वर्षीय मृतिका सुशीला नाग की पानी में डूबने से मृत्यु के मामले में उनकी 65 वर्षीय वृद्ध माता श्रीमती फूलो बघेल (निवासी चौपेल) को 4 लाख रुपये की अनुदान राशि स्वीकृत की गई है।
कलेक्टर श्री अमित कुमार ने सभी संबंधित तहसीलदारों (छिन्दगढ़, गादीरास, जगरगुण्डा एवं दोरनापाल) को कड़े निर्देश दिए हैं कि स्वीकृत सहायता राशि बिना किसी विलंब के सीधे संबंधित पीड़ित पक्षकारों को तत्काल उपलब्ध कराई जाए। राजस्व एवं आपदा प्रबंधन विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुरूप जांच प्रतिवेदन प्राप्त होते ही त्वरित गति से स्वीकृत किए गए इन आदेशों ने यह स्पष्ट कर दिया है कि जिला प्रशासन अंतिम छोर के जरूरतमंद एवं विपदाग्रस्त परिवारों को राहत पहुँचाने के लिए पूरी संवेदनशीलता और तत्परता से कार्य कर रहा है।