कलेक्टर श्री अमित कुमार ने किया छिंदगढ़ विकासखंड में आश्रम-छात्रावासों का सघन निरीक्षण
सुकमा, 23 सितम्बर 2026/sns/- कलेक्टर श्री अमित कुमार ने बुधवार को छिंदगढ़ विकासखंड के विभिन्न आश्रम एवं छात्रावासों का औचक निरीक्षण कर विद्यार्थियों के लिए उपलब्ध सुविधाओं, स्वच्छता, पेयजल और भोजन व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान सहायक आयुक्त श्री हेमंत सिन्हा भी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने बालक आश्रम डोलेरास में व्यवस्थाओं, वाटर प्यूरीफायर एवं किचन सामग्री का निरीक्षण किया, जहां साफ-सफाई और व्यवस्थाएं बेहतर पाई गईं।
वाटर प्यूरीफायर स्थापित होने तथा किचन सामग्री के सुव्यवस्थित रख-रखाव पर उन्होंने संतोष व्यक्त किया। वहीं कन्या आश्रम कूकानार में व्यवस्थाओं एवं रिपेयरिंग कार्य की सराहना करते हुए वाटर प्यूरीफायर का कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूर्ण करने के निर्देश दिए। प्री-मैट्रिक बालक छात्रावास कुमाकोलेंग की व्यवस्थाएं भी संतोषजनक पाई गईं।
निरीक्षण के दौरान कलेक्टर श्री अमित कुमार ने छात्रावासों में विद्यार्थियों को स्वच्छ, सुरक्षित और सुविधाजनक वातावरण उपलब्ध कराने को सर्वाेच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए। बालक आश्रम पेंदलनार में वाटर प्यूरीफायर स्थापित नहीं होने पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधीक्षक को नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सभी आश्रम-छात्रावासों में टोटीदार कंटेनर, बच्चों के लिए अलग-अलग ग्लास एवं थाली, हाथ धोने के लिए पृथक नल तथा बर्तन धोने के लिए अलग स्थान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों की मूलभूत सुविधाओं और स्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी तथा व्यवस्थाओं की नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।
पोस्ट-मैट्रिक बालक छात्रावास तोंगपाल के निरीक्षण में वाटर प्यूरीफायर का अभाव, बच्चों के लिए पर्याप्त ग्लास उपलब्ध नहीं होना तथा एयरटाइट कंटेनर नहीं खरीदे जाने जैसी कमियां सामने आईं। पूर्व में दिए गए निर्देशों के अनुपालन में लापरवाही पाए जाने पर कलेक्टर ने कड़ी नाराजगी व्यक्त करते हुए अधीक्षक को तत्काल प्रभाव से हटाने के निर्देश दिए। इसके पश्चात उन्होंने प्री-मैट्रिक छात्रावास तोंगपाल का भी निरीक्षण किया। कलेक्टर के इस औचक निरीक्षण ने स्पष्ट संदेश दिया कि छात्रावासों में रह रहे बच्चों की सुविधा, स्वास्थ्य और सुरक्षा से जुड़े मामलों में प्रशासन गंभीर है और व्यवस्थाओं में लापरवाही मिलने पर तत्काल जवाबदेही तय की जाएगी।