टीबी मुक्त बीजापुर की दिशा में तेज कदमः

बीजापुर, 24 सितम्बर 2026/sns/- जिले में टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत क्षय रोग की पहचान, उपचार एवं संक्रमण की रोकथाम के लिए व्यापक स्तर पर स्क्रीनिंग अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के तहत सम्पूर्ण क्षय सुरक्षित के लिए चयनित विकासखंड उसूर सहित जिले के अन्य विकासखंडों में सामान्य जनसंख्या की टीबी लक्षण आधारित स्क्रीनिंग की जा रही है।

अभियान के अंतर्गत अब तक जिले में कुल 36,276 व्यक्तियों की टीबी स्क्रीनिंग की जा चुकी है। स्क्रीनिंग के दौरान टीबी से संबंधित लक्षण पाए जाने पर आवश्यक जांच एवं आगे की स्वास्थ्य सेवाओं के लिए संबंधित व्यक्तियों को चिन्हांकित किया जा रहा है।

उच्च जोखिम समूह की हैंडहेल्ड एक्स-रे से जांच

टीबी संक्रमण के दृष्टिकोण से उच्च जोखिम वाले व्यक्तियों की पहचान कर उनकी हैंडहेल्ड एक्स-रे के माध्यम से छाती की जांच की जा रही है। इससे संभावित टीबी मरीजों की शीघ्र पहचान करने और समय पर आवश्यक जांच एवं उपचार उपलब्ध कराने में मदद मिल रही है।

2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य

सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप वर्ष 2030 तक टीबी उन्मूलन का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसी दिशा में जिले में टीबी की शीघ्र पहचान, समयबद्ध उपचार और संक्रमण की रोकथाम को प्राथमिकता दी जा रही है। अभियान का उद्देश्य टीबी के नए मामलों तथा इससे होने वाली मृत्यु दर में तेजी से कमी लाना है। स्वास्थ्य विभाग द्वारा आम नागरिकों से अपील की गई है कि लंबे समय तक खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना अथवा अन्य टीबी संबंधी लक्षण दिखाई देने पर तत्काल नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं। समय पर जांच और उपचार से टीबी का प्रभावी नियंत्रण संभव है।

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