भ्रम टूटा, झिझक छूटी और बढ़े मदद के हाथ- महिलाओं ने रक्तदान कर जीवन बचाने का दिया संदेश
रायपुर, 24 सितंबर 2026/sns/- सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत रायपुर के सरदार बलबीर सिंह जुनेजा इंडोर स्टेडियम में आयोजित आयुर्वेद सेवा सम्मेलन, रक्तदान महाकुंभ एवं वृहद स्वास्थ्य जांच शिविर में महिलाओं ने बढ़-चढ़कर भागीदारी निभाते हुए रक्तदान को लेकर बनी झिझक और भ्रांतियों को पीछे छोड़ने का संदेश दिया। इसी क्रम में जिला सहकारी केंद्रीय बैंक की कर्मचारी श्रीमती मोना चौधरी ने पहली बार रक्तदान कर समाज के सामने प्रेरणादायी उदाहरण प्रस्तुत किया
श्रीमती मोना चौधरी ने बताया कि यह उनका पहला रक्तदान था। शुरुआत में मन में थोड़ी झिझक और डर था, लेकिन जब उन्हें यह समझ आया कि उनके रक्त की एक यूनिट किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाने में उपयोगी हो सकती है, तो उन्होंने रक्तदान का निर्णय लिया। रक्तदान के बाद उन्होंने संतोष व्यक्त करते हुए कहा कि मानव सेवा के इस कार्य से उन्हें बेहद अच्छा महसूस हुआ।
उन्होंने कहा कि समाज में अक्सर यह धारणा देखने को मिलती है कि महिलाएं रक्तदान नहीं करतीं, लेकिन रक्तदान महाकुंभ में बड़ी संख्या में महिलाओं की भागीदारी ने इस सोच को बदलने का संदेश दिया है। महिलाएं भी समाज और मानवता की सेवा में पुरुषों के समान महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती हैं।
सेवा संकल्प अभियान के तहत आयोजित रक्तदान महाकुंभ में 1100 से अधिक महिलाओं ने रक्तदान के लिए पंजीयन कराया। महिलाओं की यह भागीदारी न केवल रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने वाली रही, बल्कि समाज में यह संदेश भी पहुंचा कि रक्तदान किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है। इच्छाशक्ति, जागरूकता और मानवता की भावना के साथ महिलाएं भी जीवन बचाने के इस महाअभियान में महत्वपूर्ण योगदान दे सकती हैं।
पहली बार रक्तदान करने वाली मोना चौधरी की कहानी उन सभी लोगों के लिए प्रेरणा है, जो किसी आशंका या झिझक के कारण रक्तदान से पीछे हट जाते हैं। उनका अनुभव बताता है कि जब उद्देश्य किसी जरूरतमंद की जिंदगी बचाना हो, तो मन का डर और संकोच अपने आप पीछे छूट जाता है।