सेवा संकल्प अभियान के तहत आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए जनसमुदाय से खिलौने

दुर्ग, 25 सितम्बर 2026/sns/- महिला एवं बाल विकास विभाग, जिला दुर्ग द्वारा जिले के आंगनबाड़ी केंद्रों में आने वाले बच्चों के सर्वांगीण विकास और खेल-आधारित सीखने के अवसरों को बढ़ावा देने के लिए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत जनसमुदाय से सहयोग एवं सहभागिता का आह्वान किया गया है।

जिले में वर्तमान में 1550 आंगनबाड़ी केंद्रों का संचालन किया जा रहा है। इन केंद्रों के माध्यम से 0 से 6 वर्ष तक के बच्चों को पूरक पोषण आहार, स्वास्थ्य सेवाएं तथा प्रारंभिक बाल्यावस्था देखभाल एवं शिक्षा से संबंधित सेवाएं प्रदान की जा रही हैं। इन केंद्रों से मुख्य रूप से आर्थिक एवं सामाजिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चे जुड़े हुए हैं।

कई बच्चों के घरों में पर्याप्त खिलौने, खेल सामग्री एवं आवश्यक वस्त्र उपलब्ध नहीं होने के कारण उन्हें खेलते हुए सीखने और अपनी रचनात्मक क्षमताओं को विकसित करने के पर्याप्त अवसर नहीं मिल पाते। इसी उद्देश्य से सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत नागरिकों से आंगनबाड़ी केंद्रों के बच्चों के लिए सुरक्षित खिलौने, खेल सामग्री एवं उपयोगी वस्त्र दान करने की अपील की गई है।

दान सामग्री में सुरक्षा और गुणवत्ता मापदण्ड

दान किए जाने वाले खिलौने मजबूत, सुरक्षित और अच्छी स्थिति में होने चाहिए। उनमें नुकीले सिरे, धारदार किनारे, कांटे या चोट पहुंचाने वाले हिस्से नहीं होने चाहिए। खिलौने का कोई ऐसा छोटा हिस्सा नहीं होना चाहिए जिसे बच्चा आसानी से तोड़कर मुंह में डाल सके या निगल सके। खिलौनों में विषैले, हानिकारक अथवा संदिग्ध रसायनों का उपयोग नहीं होना चाहिए। बच्चों के लिए बड़े आकार के रिंग, सॉफ्ट ब्लॉक्स, बड़े आकार के टेडी बियर, स्टैकिंग एवं शेपिंग खिलौने जैसे आसानी से पकड़ने और सुरक्षित रूप से उपयोग किए जा सकने वाले खिलौने दान किए जा सकते हैं।

इसी प्रकार दान किए जाने वाले वस्त्र साफ, धुले हुए, अच्छी स्थिति में और बच्चों के पहनने योग्य होने चाहिए। अत्यधिक पुराने, फटे या दागदार वस्त्र दान न किए जाएं। वस्त्र बच्चों की आयु एवं आकार के अनुरूप होना भी आवश्यक है। दान/सहयोग हेतु महिला एवं बाल विकास विभाग दुर्ग श्रीमती पूजा तिवारी, दूरभाष नंबर-0788-2323704 संपर्क किया जा सकता है। इसके अतिरिक्त आंगनबाड़ी केन्द्रों के लिए सामग्री परियोजना स्तर पर प्रदाय करने हेतु संबंधित क्षेत्र के परियोजना अधिकारी से भी संपर्क किया जा सकता है।

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