पक्के मकान का सपना हुआ साकार, यशोदा के परिवार को मिला सुरक्षित आशियाना

बीजापुर, 30 सितम्बर 2026/sns/- कभी बारिश के दिनों में टपकती छत और कच्चे मकान की परेशानियों के बीच जीवन गुजारने वाली भोपालपटनम निवासी यशोदा का अपना पक्का मकान बनाने का सपना अब साकार हो गया है। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत मिली सहायता और परिवार की मेहनत से आज उनका परिवार सुरक्षित एवं सुविधाजनक पक्के आवास में खुशहाल जीवन बिता रहा है।

नगरीय क्षेत्र भोपालपटनम के वार्ड क्रमांक 15 निवासी तोटापल्ली यशोदा, पति तोटापल्ली राजू, अपने पति और बेटे के साथ एक छोटे से कच्चे मकान में रहती थीं। सीमित आय के कारण परिवार के लिए पक्का मकान बनाना आसान नहीं था। बरसात के दिनों में छत से पानी टपकने के साथ ही कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वर्षों तक परिवार इन्हीं परिस्थितियों में जीवन गुजारता रहा।

प्रधानमंत्री आवास योजना से जगी पक्के घर की उम्मीद- यशोदा को नगर पंचायत भोपालपटनम के अधिकारियों एवं प्रधानमंत्री आवास योजना की टीम से योजना के बीएलसी घटक अंतर्गत ‘मोर जमीन-मोर मकान’ के बारे में जानकारी मिली। आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर उनका आवेदन तैयार किया गया और स्वीकृति के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा गया। आवास की स्वीकृति मिलने के बाद परिवार ने अपने सपनों के घर को आकार देना शुरू किया। मजदूरी से परिवार का जीवनयापन करने के साथ-साथ यशोदा और उनके पति ने अपनी छोटी-छोटी बचत को भी मकान निर्माण में लगाया। स्थानीय मजदूरों एवं मिस्त्रियों की सहायता से धीरे-धीरे मकान का निर्माण पूरा किया गया।टपकती छत की चिंता खत्म, चेहरे पर आई मुस्कान- जिस परिवार ने कभी स्वयं के पक्के मकान की कल्पना तक नहीं की थी, आज वही परिवार अपने पक्के घर में गर्व और खुशी के साथ रह रहा है। अब बारिश के दिनों में छत से पानी टपकने की चिंता नहीं है और परिवार को सुरक्षित आशियाना मिल चुका है। अपने पक्के मकान से खुश यशोदा ने प्रधानमंत्री आवास योजना के माध्यम से मिले सहयोग के लिए शासन एवं नगर पंचायत भोपालपटनम के प्रति आभार व्यक्त किया। उनका कहना है कि पक्का मकान मिलने से परिवार के जीवन में सुरक्षा, सुविधा और सम्मान का नया एहसास जुड़ा है। यशोदा की कहानी बताती है कि प्रधानमंत्री आवास योजना जरूरतमंद परिवारों के लिए केवल मकान निर्माण की योजना नहीं, बल्कि सुरक्षित आशियाने के सपने को हकीकत में बदलने का माध्यम भी बन रही है।

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