‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से वाटरशेड विकास सुधारों को जमीनी स्तर तक होगी पहुंच

बलौदाबाजार, 1 अक्टूबर 2026/sns/- भारत सरकार एवं राज्य सरकार एक साथ मिलकर ‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से नागरिक-केंद्रित वाटरशेड विकास सुधारों को ग्रामीण समुदायों तक पहुँचाने का प्रयास कर रही है। ‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से वाटरशेड विकास सुधारों को जमीनी स्तर तक पहुँचाया जाएगा, देश भर के 9,593 ग्राम पंचायतों में ग्राम सभाओं के माध्यम से वाटरशेड सुधारों की जानकारी प्रदान की जायेगी।

इस पहल का उद्देश्य वाटरशेड विकास से जुड़े सुधारों के प्रति जागरूकता बढ़ाना, जनभागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा सामुदायिक स्वामित्व को मजबूत करना है।
जन योजना अभियान (पीपीसी) ‘सबकी योजना, सबका विकास’ के साथ एकीकृत किया जा रहा है। इसकी शुरुआत 2 अक्टूबर 2026 से ग्राम सभाओं के माध्यम से होगी। इस अवसर पर परियोजना-स्तरीय ग्राम पंचायतों एवं ग्रामीण समुदायों को वाटरशेड विकास से जुड़े सुधारों, उपलब्धियों एवं योजनाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही, जनभागीदारी एवं सामुदायिक स्वामित्व को बढ़ावा देने के लिए आवश्यक प्रयास किए जाएंगे।

मिट्टी और पानी का संरक्षण, समृद्धि की आधारशिला मिट्टी को बचाना है, तो पानी को सहेजना जरूरी है। वाटरशेड विकास का उद्देश्य मिट्टी और पानी का संरक्षण कर जल-सुरक्षित गाँव, मजबूत खेती और समृद्ध किसान तैयार करना है। सूखा प्रभावित और वर्षा आधारित क्षेत्रों में, जहाँ पहले किसान एक भी फसल नहीं उगा पाते थे, वहाँ अब एक फसल ली जा रही है और जहाँ पहले एक फसल होती थी, वहाँ अब दो या उससे अधिक फसलें ली जा रही हैं। इससे कृषि उत्पादन, किसानों की आय और आजीविका के अवसरों में वृद्धि हो रही है।

*वाटरशेड विकास को जन आंदोलन बनाने का प्रयास*-
पिछले 12 वर्षों के दौरान वाटरशेड विकास कार्यक्रम में कई महत्वपूर्ण सुधार किए गए हैं। जिसमें प्रमुख रूप से बेहतर प्रावधान- बेहतर परिणाम, जल्द काम- जल्द परिणाम, उन्नत कृषि उपकरण, गुणवत्तापूर्ण बीज एवं पौधों से किसानों की आय में वृद्धि एवं वाटरशेड विकास को जन आंदोलन बनाना है।

*‘रिफॉर्म’ को फाइल से लाइफ तक ले जाना*-

कृषि विभाग द्वारा जिला एवं परियोजना स्तर पर योजना को क्रियान्वित कर रही फील्ड-स्तरीय मशीनरी को सक्रिय करने तथा ‘रिफॉर्म उत्सव’ में अधिकतम जनभागीदारी सुनिश्चित करने का आह्वान किया है।
‘रिफॉर्म उत्सव’ के माध्यम से ग्रामीण समुदायों को वाटरशेड विकास में हुए सुधारों, उनके लाभों तथा समुदाय की भूमिका के बारे में जानकारी दी जाएगी। ग्राम सभाओं के माध्यम से स्थानीय स्तर पर संवाद और जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा, ताकि वाटरशेड विकास से जुड़े कार्यों का लाभ अधिक से अधिक ग्रामीण परिवारों तक पहुँच सके। रिफॉर्म उत्सव के अंतर्गत निम्नलिखित गतिविधियाँ आयोजित की जाएंगी। मृदा एवं जल संरक्षण के प्रति जन-जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से रैली एवं रंगोली प्रतियोगिता का आयोजन किया जाएगा। 15 अक्टूबर को विकासखंड कसडोल अंतर्गत ग्राम मड़वा स्थित पाठशाला में कार्यक्रम का आयोजन किया जाएगा।
इस गतिविधि के माध्यम से ग्रामीण समुदाय एवं विद्यार्थियों में मृदा एवं जल संरक्षण के प्रति जागरूकता तथा जनभागीदारी को बढ़ावा दिया जाएगा।

*विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में महत्वपूर्ण पहल*- विकसित भारत@2047 के लक्ष्य की दिशा में सूखा-मुक्त भारत बनाने के लिए वाटरशेड सुधारों को हर गाँव तक पहुँचाने, हर समुदाय को जोड़ने और ग्रामीण लोगों तक इनके वास्तविक लाभ पहुँचाने का प्रयास किया जा रहा है।

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