दिव्यांग बच्चों के हुनर से भावुक हुए बुजुर्ग, “सेवा संकल्प“ से मिली नई राह
सुकमा, 02 अक्टुबर 2026/sns/- शबरी ऑडिटोरियम में जब नन्हें हाथों ने रंगों के जरिए अपनी भावनाएं उकेरीं और सुर-ताल की धुन पर कदम थिरकाए, तो पूरा परिसर तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। “जन सेवा से देश सेवा“ के 25 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में जारी “सेवा संकल्प अभियान“ और अंतरराष्ट्रीय वृद्धजन दिवस का यह संगम बेहद भावुक और प्रेरणादायी रहा। आकार दिव्यांग विद्यालय के विशेष बच्चों ने जब अपनी शानदार ड्राइंग, रंगोली और मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियों का जादू बिखेरा, तो वहां मौजूद 250 बुजुर्गों और सैकड़ों विद्यार्थियों की आंखें गर्व और स्नेह से छलक पड़ीं।
शारीरिक सीमाओं को पीछे छोड़ते हुए जब इन बच्चों ने मंच पर अपनी प्रतिभा का लोहा मनवाया, तो कार्यक्रम केवल एक औपचारिक आयोजन न रहकर आत्मीय रिश्तों का उत्सव बन गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार के निर्देशानुसार आयोजित इस समागम में एक ओर जहां बुजुर्गों के सम्मान और स्वास्थ्य परीक्षण के जरिए पीढ़ीगत अनुभवों को सराहा गया, वहीं दूसरी ओर विशेष बच्चों के अदम्य साहस ने यह साबित कर दिया कि हौसलों के आगे हर बाधा छोटी पड़ जाती है। बुजुर्गों ने बच्चों को आशीर्वाद दिया, तो बच्चों ने अपनी कला से उनके चेहरों पर मुस्कान बिखेर दी।
इस मानवीय पहल को धरातल पर सार्थक रूप देने के लिए दिव्यांगजनों के जीवन को सुगम और आत्मनिर्भर बनाने हेतु आवश्यक सहायक उपकरण निःशुल्क प्रदान किए गए। जैसे ही लाभार्थियों को व्हीलचेयर, मॉडिफाइड ट्राईसाइकिल, बैसाखी और श्रवण यंत्र सौंपे गए, उनके चेहरों पर एक नई उम्मीद और आजादी की चमक साफ दिखाई दी। समाज कल्याण विभाग के उप संचालक श्री संजय पांडेय ने छात्रवृत्ति, कृत्रिम अंग और पेंशन जैसी जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी देते हुए आश्वस्त किया कि प्रशासन दिव्यांगजनों के समग्र पुनर्वास और गरिमापूर्ण जीवन के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ खड़ा है।
आयोजन में डिप्टी कलेक्टर श्री शबाब खान, वरिष्ठ जनप्रतिनिधि श्री धनीराम बारसे, नगरपालिका अध्यक्ष श्री हूँगाराम मरकाम, जिला पंचायत सदस्य श्रीमती माड़े बारसे, जनपद पंचायत अध्यक्ष (सुकमा) श्री संतोष इडो, जनपद पंचायत अध्यक्ष (कोंटा) श्रीमती कुसुमलता कोवासी, जनपद उपाध्यक्ष श्रीमती रीना पेद्दी सहित अनेक जनप्रतिनिधि, समाज कल्याण विभाग की टीम और 150 से अधिक विशेष बच्चे व शिक्षक उपस्थित रहे। प्रशासनिक संवेदनशीलता और जनसहभागिता के इस साझा मंच ने समाज को यह संदेश दिया कि सेवा और अपनत्व से किसी भी जीवन की दिशा बदली जा सकती है।