स्वयं सहायता समूह से जुड़कर बदली सूरजपति की जिंदगी
अम्बिकापुर, 05 अक्टूबर 2026/sns/- राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) के माध्यम से स्वयं सहायता समूहों की महिलाओं को आर्थिक गतिविधियों से जोड़कर उनकी आजीविका और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देने का प्रयास किया जा रहा है। इसी कड़ी में आर्थिक कठिनाइयों और सीमित आय के बीच जीवन यापन करने वाली विकासखंड बतौली के ग्राम पंचायत तारागी की श्रीमती सूरजपति ने स्वयं सहायता समूह से जुड़कर आत्मनिर्भरता की नई राह बनाई है। समूह से जुड़ने के बाद उन्हें आर्थिक सहयोग मिला, जिसका उपयोग उन्होंने किराना दुकान व्यवसाय शुरू करने में किया। आज उनके प्रयासों से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है। सूरजपति बताती हैं कि समूह के माध्यम से उन्हें 60 हजार रुपए का ऋण प्राप्त हुआ। उन्होंने ऋण की राशि एवं स्वयं की कुछ पूंजी लगाकर आजीविका गतिविधि शुरू की। उन्होंने किराना दुकान का व्यवसाय प्रारंभ किया, मेहनत और निरंतर प्रयास से उनके व्यवसाय में धीरे-धीरे सुधार आया। वर्तमान में उन्हें प्रतिवर्ष लगभग 2 लाख तक कि आय हो रही है। उन्होंने बताया कि मेरी आर्थिक स्थिति में सुधार हुआ और आत्मविश्वास भी बढ़ गया है, अब मैं अपने परिवार की आवश्यकताओं को बेहतर ढंग से पूरा करने में सक्षम हूं। मेरे लिए स्वयं सहायता समूह केवल आर्थिक सहयोग का माध्यम ही नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता की दिशा में आगे बढ़ने का महत्वपूर्ण जरिया साबित हुआ है।सूरजपति की सफलता ग्रामीण महिलाओं के लिए प्रेरणादायक उदाहरण है