पक्की छत ने महिलाओं को दिया सुरक्षा, सम्मान और आत्मविश्वास

दुर्ग, 05 अक्टूबर 2026/sns/- राज्य सरकार की ’सेवा संकल्प’ भावना और जन-कल्याणकारी नीतियों का सीधा असर अब ग्रामीण अंचल की अंतिम पंक्ति तक दिखाई दे रहा है। प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण जिले की महिलाओं के जीवन में खुशहाली और स्थायित्व का नया आधार बन रही है। कभी कच्चे मकानों में बारिश और मौसम की मार झेलने वाली मोंगरा बाई, प्रमिला बाई, जानकी बाई और किरण ढहरिया जैसी महिलाओं के लिए पक्का घर केवल चार दीवारें नहीं, बल्कि सुरक्षा, स्वाभिमान और उज्ज्वल भविष्य की नई पहचान साबित हो रहा है। ग्राम पुरई की श्रीमती मोंगरा बाई (पति स्व. पीताम्बर पटेल) और ग्राम कुटेलाभाठा की श्रीमती किरण ढहरिया (पति स्व. दिलीप ढहरिया) को पति के निधन के बाद विकट आर्थिक परिस्थितियों और कच्चे मकान की समस्याओं का सामना करना पड़ रहा था। शासन की सेवा संकल्प की नीति के तहत योजना का लाभ मिलने से न केवल उनका पक्का घर बनकर तैयार हुआ, बल्कि मोंगरा बाई को आवास निर्माण के लिए 1 लाख 20 हजार रुपये तथा मनरेगा से 23,490 रुपये की मजदूरी भी मिली। इसी तरह ग्राम पुरई की प्रमिला बाई और जानकी बाई का भी अपने पक्के घर का वर्षों पुराना सपना साकार हुआ।
आज इन सभी परिवारों को पक्की छत के साथ उज्ज्वला योजना से गैस कनेक्शन, नल-जल योजना और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाएं मिल चुकी हैं। शासन के संवेदनशील सेवा संकल्प और निरंतर प्रयासों से जिले की हितग्राही महिलाओं के जीवन में खुशहाली, सुरक्षा और आत्मनिर्भरता की नई शुरुआत हुई है।

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