वन्यप्राणी सप्ताह के तहत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित

लोरमी, 06 अक्टूबर 2026/sns/- वन्यप्राणी सप्ताह अंतर्गत सेवा संकल्प अभियान के तहत अचानकमार टाइगर रिजर्व में 08 अक्टूबर 2026 तक जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास थीम पर वन्यप्राणी सप्ताह मनाया जा रहा है। इसी क्रम में वन्यप्राणी सप्ताह के चौथे दिन केंवची बफर परिक्षेत्र के ग्राम आमाडोब में विस्तृत जनजागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य स्थानीय ग्रामीणों एवं विद्यार्थियों को वन्यजीवों के संरक्षण, सुरक्षा और मानव-वन्यजीव सहअस्तित्व के प्रति जागरूक करना रहा। कार्यक्रम में श्रीमती प्रियंका पाण्डेय, भा.व.से., मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी) एवं क्षेत्र संचालक अचानकमार टाइगर रिजर्व, कोनी बिलासपुर, श्री दिनेश कुमार पटेल, भा.व.से., उप संचालक अचानकमार टाइगर रिजर्व लोरमी, हांथी विशेषज्ञ श्री मंसूर खान, डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ प्रोजेक्ट ऑफिसर श्री उपेन्द्र दुबे, स्थानीय वन्यप्राणी विशेषज्ञ श्री अनुराग शुक्ला, सरपंच श्रीमती सुरंजना आयाम सहित वन विभाग एवं मरवाही वनमंडल के अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे।
कार्यक्रम में मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक द्वारा केंवची बफर परिक्षेत्र में वन्यप्राणी बाघ की कॉरिडोर गतिविधियों के संबंध में ग्रामीणों को विस्तृत जानकारी दी गई। उप संचालक अचानकमार टाइगर रिजर्व द्वारा वन एवं वन्यप्राणियों की सुरक्षा तथा मानव जीवन में इनके महत्व के बारे में जागरूक किया गया। वहीं हांथी विशेषज्ञ मंसूर खान ने वन्यप्राणियों से सुरक्षा के आवश्यक उपायों एवं सावधानियों की जानकारी दी। डब्ल्यूडब्ल्यूएफ के वरिष्ठ प्रोजेक्ट ऑफिसर दुबे ने वन्यजीवों की सुरक्षा एवं प्रभावी मॉनिटरिंग के संबंध में जानकारी साझा की।
कार्यक्रम के दौरान ‘जुड़े आवास, वन्यजीवन का विकास’ थीम पर आमाडोब स्कूल के छात्र-छात्राओं के लिए निबंध एवं चित्रकला प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता के माध्यम से वन्यजीव संरक्षण, जंगलों की सुरक्षा और प्रकृति के साथ संतुलित जीवन का संदेश दिया। प्रतियोगिता में प्रथम, द्वितीय एवं तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले छात्र-छात्राओं को मुख्य वन संरक्षक एवं क्षेत्र संचालक द्वारा सम्मानित किया गया। इससे विद्यार्थियों का उत्साह बढ़ा और उनमें वन्यप्राणी एवं पर्यावरण संरक्षण के प्रति रुचि को प्रोत्साहन मिला। कार्यक्रम में ग्राम आमाडोब, पटपरी, केंवची, बानघाट, रंजकी एवं छोटेकिरवार के स्थानीय ग्रामीणों, स्व-सहायता समूह के सदस्यों तथा आमाडोब स्कूल के छात्र-छात्राओं सहित बड़ी संख्या में लोगों ने सहभागिता की।

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