सेवा संकल्प अभियान: सेवा की कहानी
बिलासपुर, 8 अक्टूबर 2026/sns/- जिले के मस्तुरी विकासखंड के ग्राम रेलहा निवासी किसान कार्तिक राम जगत लगभग 5 एकड़ भूमि में खेती करते हैं। पहले सिंचाई के पर्याप्त साधन नहीं होने के कारण उन्हें खेती के लिए काफी परेशानियों का सामना करना पड़ता था। वर्षा पर निर्भरता के चलते फसल उत्पादन भी प्रभावित होता था। ऐसे समय में शासन की किसान हितैषी ’’सौर सुजला योजना’’ उनके लिए काफी मददगार साबित हुई। योजना के तहत उन्हें सिंचाई पंप के लिए अनुदान सहायता राशि का लाभ मिला, जिससे उनके खेतों में सिंचाई की सुविधा उपलब्ध हुई।
सिंचाई की सुविधा मिलने के बाद कार्तिक राम जगत अब अपनी 5 एकड़ भूमि में रबी और खरीफ दोनों मौसम की फसलों का उत्पादन कर रहे हैं। पहले जहां खेती मुख्य रूप से बारिश पर निर्भर थी, वहीं अब सौर ऊर्जा से संचालित सिंचाई पंप के माध्यम से खेतों में जरूरत के अनुसार पानी उपलब्ध हो रहा है। इससे फसल उत्पादन में निरंतरता आई है और खेती से होने वाली आमदनी में भी बढ़ोतरी हुई है। वर्तमान में उन्हें कृषि कार्य से लगभग 1 से 1.5 लाख रुपये वार्षिक आय प्राप्त हो रही है। कार्तिक राम जगत बताते हैं कि सिंचाई की सुविधा मिलने से खेती करना पहले की अपेक्षा आसान हुआ है। रबी और खरीफ दोनों मौसम में फसल लेने से उनकी कृषि आय का दायरा बढ़ा है। खेती से होने वाली आमदनी से परिवार की आर्थिक स्थिति में सुधार आया है और भविष्य में कृषि कार्य को और बेहतर तरीके से करने का भरोसा भी बढ़ा है।
उन्होंने बताया कि कृषि विभाग के अधिकारियों द्वारा समय-समय पर उन्हें शासन की विभिन्न किसान हितैषी योजनाओं की जानकारी दी जाती है। साथ ही वे ’’कृषि विज्ञान केंद्र, बिलासपुर’’ से भी जुड़े हुए हैं, जहां से उन्हें फसल उत्पादन, आधुनिक कृषि तकनीक, बेहतर खेती के तरीकों और कृषि संबंधी अन्य विषयों पर आवश्यक मार्गदर्शन मिलता रहता है। विभागीय मार्गदर्शन और कृषि विज्ञान केंद्र की तकनीकी सलाह से वे अपनी खेती को अधिक लाभदायक बनाने का प्रयास कर रहे हैं। कार्तिक राम जगत ने कहा कि शासन की किसान हितैषी योजनाओं से उन्हें खेती में काफी लाभ मिला है। सौर सुजला योजना के माध्यम से मिली सिंचाई सुविधा ने उनकी खेती को नई दिशा दी है। उन्होंने शासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि किसानों को सिंचाई, तकनीकी मार्गदर्शन और विभिन्न योजनाओं का लाभ मिलने से कृषि को अधिक लाभकारी व्यवसाय के रूप में आगे बढ़ाने में मदद मिल रही है।