शोध की फ़ाइल से जनता के काम तक सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 में शोधार्थियों और नवाचारियों को आमंत्रण
दुर्ग, 09 अक्टूबर 2026/sns/- कई अच्छे शोध और उपयोगी प्रयोग शोध-पत्र या परियोजना रिपोर्ट तक सीमित रह जाते हैं। इसी प्रकार कई कारीगर, किसान, तकनीशियन और सेवानिवृत्त व्यक्ति अपने अनुभव से ऐसे हल निकाल लेते हैं, जिनकी जानकारी उनके आसपास तक ही रहती है। सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत आयोजित सेवा फर्स्ट इनोवेशन चैलेंज 2026 ऐसे समाधानों को जन-उपयोग तक पहुँचाने का अवसर है।
चैलेंज में ऐसे नवाचारों को प्राथमिकता है जो किसी वास्तविक आवश्यकता के लिए नया और स्पष्ट हल दें तथा ज़मीन पर लागू किए जा सकें। मूल्यांकन में समस्या की प्रासंगिकता, समाधान की नवीनता, विकास-स्तर, संभावित प्रभाव, विस्तार की क्षमता तथा टीम को देखा जाएगा। इसलिए शोधार्थी अपने शोध को किसी ठोस समस्या से जोड़कर प्रस्तुत करें, तो आवेदन अधिक प्रभावी होगा।
शोधार्थी, प्राध्यापक, वैज्ञानिक, तकनीशियन तथा कोई भी स्वतंत्र नवाचारी व्यक्तिगत रूप से अथवा टीम बनाकर आवेदन कर सकते हैं। प्राध्यापक अपने विद्यार्थियों के साथ संयुक्त टीम भी बना सकते हैं। आवेदक अथवा टीम के किसी एक सदस्य के पास छत्तीसगढ़ का मूल निवास प्रमाण-पत्र होना अनिवार्य है। कंपनी पंजीयन आवश्यक नहीं है।
प्रत्येक विजेता को ₹10 लाख की राशि दी जाएगी। प्रत्येक क्षेत्र (सेक्टर) में पाँच विजेता होंगे – तीन सामान्य, एक महिला तथा एक 21 वर्ष से कम आयु श्रेणी से। कुल पुरस्कार राशि ₹5 करोड़ है।
आवेदन पोर्टल sevainnovationchallenge.in पर मोबाइल ओटीपी से पंजीयन कर किया जा सकता है। मूल निवास प्रमाण-पत्र, पहचान पत्र, टीम सदस्यों के नाम, भूमिका एवं योग्यता तथा छह स्लाइड की पीडीएफ प्रस्तुति (अधिकतम 10 एमबी) अपलोड करनी होगी। एक नवाचार केवल एक बार भेजा जा सकेगा।
आवेदन 23 सितंबर 2026 से प्रारंभ हैं। अंतिम तिथि 17 अक्टूबर 2026, रात्रि 11:59 बजे है।