टोकन के माध्यम से किया जाएगा उर्वरक विक्रय, बढ़ेगी पारदर्शिता

बलौदाबाजार, 9 अक्टूबर 2026/sns/- भारत सरकार के निर्देशानुसार पूरे छत्तीसगढ़ राज्य में शीघ्र ही किसानों को टोकन के माध्यम से उर्वरक विक्रय किया जाएगा। कृषि एवं किसान कल्याण मंत्रालय, नई दिल्ली ने देश भर में उर्वरकों के वितरण, बिक्री और मूल्य नियंत्रण को अधिक पारदर्शी और कुशल बनाने के लिए फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल (उर्वरक बिक्री रूपरेखा) की घोषणा की है। इस नए फ्रेमवर्क का मुख्य उद्देश्य किसानों को सही समय पर, उचित मूल्य पर और बिना किसी कालाबाजारी के गुणवत्तापूर्ण उर्वरक उपलब्ध कराना है। नए फ्रेमवर्क की मुख्य विशेषताएं-उर्वरक की बिक्री मुख्य रूप से श्पॉइंट ऑफ सेलश् (पॉस) मशीनों के माध्यम से आधार या अन्य मान्यता प्राप्त पहचान पत्र के बायोमेट्रिक सत्यापन के बाद ही की जाएगी। समान और पारदर्शी वितरण-राज्यों और जिलों में उर्वरक की मांग और उपलब्धता की वास्तविक समय निगरानी के लिए इंटीग्रेटेड फर्टिलाइजर मैनेजमेंट सिस्टम(आईएफएमएस) पोर्टल का उपयोग मजबूत किया जाएगा। एमआरपी और मूल्य नियंत्रण-सभी खुदरा विक्रेताओं को अनिवार्य रूप से दुकान के बाहर उर्वरक के स्टॉक और निर्धारित अधिकतम खुदरा मूल्य (एमआरपी) का बोर्ड लगाना होगा। निर्धारित मूल्य से अधिक वसूलने पर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जमाखोरी और कालाबाजारी पर रोक-गैर-कृषि कार्यों या उद्योगों में कृषि-ग्रेड उर्वरक (जैसे यूरिया) के अवैध मोड़ को रोकने के लिए निगरानी तंत्र को और कड़ा किया गया। संतुलित उर्वरक उपयोग को बढ़ावा-किसानों को मिट्टी के स्वास्थ्य के अनुसार यूरिया, डीएपी और एनपीके के संतुलित उपयोग के साथ-साथ बायो-फर्टिलाइजर्स और नैनो यूरिया के इस्तेमाल के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

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