डीएमएफ से सोलर हाईमास्ट की रोशनी, ग्रामीणो का आसान हुआ रात का आवागमन
कोरबा, 12 अक्टूबर 2026/sns/- दूरस्थ गांवों में रात का अंधेरा केवल रोशनी की कमी नहीं, आवागमन और रोजमर्रा की गतिविधियों में भी परेशानी का कारण बनता है। सड़क, चौक-चौराहे और सार्वजनिक स्थान पर्याप्त रोशनी के अभाव में शाम ढलने के बाद सुनसान नजर आते थे। कोरबा जिला प्रशासन द्वारा खनिज संस्थान न्यास (डीएमएफ) से स्वीकृत राशि के माध्यम से ऐसे क्षेत्रों में सौर ऊर्जा आधारित प्रकाश व्यवस्था विकसित की जा रही है। इसी क्रम में कोरबा विकासखंड के ग्राम अजगरबहार में क्रेडा विभाग द्वारा सोलर हाईमास्ट लाइट स्थापित की गई है।
सोलर हाईमास्ट शुरू होने से पहले रात के समय ग्रामीणों को गांव की सड़कों और आसपास के रास्तों पर आवागमन में कठिनाई होती थी। अंधेरे के कारण पैदल चलने वालों को रास्ता देखने में परेशानी होती थी और खेतों तथा आसपास के इलाकों में जाने वाले लोगों को अतिरिक्त सावधानी रखनी पड़ती थी। पर्याप्त प्रकाश नहीं होने से जहरीले सांप-बिच्छू जैसे जीवों का डर भी बना रहता था।कोरबा, 12 अक्टूबर 2026/
अब सोलर हाईमास्ट की रोशनी से गांव के प्रमुख स्थानों और आसपास के क्षेत्र में रात के समय पर्याप्त प्रकाश उपलब्ध हो रहा है। सौर ऊर्जा से संचालित व्यवस्था होने के कारण पारंपरिक बिजली आपूर्ति पर निर्भरता कम हुई है और बिजली बिल का अतिरिक्त भार भी नहीं रहता। बैटरी बैकअप की सुविधा से मौसम खराब होने या विद्युत आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में भी प्रकाश उपलब्ध रहने में मदद मिलती है।
ग्राम में स्थापित सोलर हाईमास्ट में 9 मीटर ऊंचा पोल, 1200 वॉट क्षमता के सोलर मॉड्यूल और एलईडी लाइटें लगाई गई हैं। इससे चौक-चौराहों, सड़क और आसपास के हिस्सों में स्पष्ट रोशनी पहुंच रही है। ग्रामीणों को शाम के बाद आवागमन, जरूरी कार्यों और आसपास की गतिविधियों में सुविधा मिल रही है। रोशनी बढ़ने से रात के समय रास्तों पर चलने वाले लोगों को आसपास की स्थिति स्पष्ट दिखाई देती है।
अजगरबहार के ग्रामीणों ने बताया कि, “पहले शाम के बाद गांव की सड़क और आसपास का क्षेत्र काफी अंधेरा हो जाता था। जरूरी काम से रात में बाहर निकलने पर रास्ते को लेकर सावधानी रखनी पड़ती थी। अब सोलर हाईमास्ट की रोशनी से सड़क और चौक-चौराहा साफ दिखाई देता है। रात में आने-जाने में सुविधा मिली है और खेत या घर के आसपास जाते समय भी रास्ता स्पष्ट नजर आता है। सौर ऊर्जा से चलने वाली इस व्यवस्था से गांव में रोशनी की सुविधा मिली है। प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति हम आभार व्यक्त करते हैं कि दूरस्थ गांवों की जरूरतों को ध्यान में रखकर ऐसी सुविधाएं पहुंचाई जा रही हैं।”