साइबर सुरक्षा विषय पर पैरा लीगल वालांटीयर को दिया गया प्रशिक्षण
बलौदाबाजार, 12 अक्टूबर 2026/sns/- जिला विधिक सेवा प्राधिकरण अध्यक्ष एवं प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश श्रीमती विनीता वार्नर तथा सचिव आलोक पाण्डेय के मार्गदर्शन में नालसा की साइबर अपराध पीड़ित सहायता एवं धोखाधड़ी से प्राप्त राशि की वसूली योजना 2026 के अंतर्गत पैरालीगल वालंटियर्स (पीएलवी) के लिए साइबर क्राइम, डिजिटल अरेस्ट एवं साइबर सुरक्षा विषय पर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया।
प्रशिक्षण कार्यक्रम में साइबर सेल निरीक्षक प्रणाली वैद्य द्वारा पैरालीगल वालंटियर्स को साइबर अपराधों के विभिन्न स्वरूपों, ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, संदिग्ध लिंक तथा सोशल मीडिया के माध्यम से होने वाले अपराधों के संबंध में जानकारी प्रदान की गई। उन्होंने डिजिटल अरेस्ट के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी के संबंध में बताया कि साइबर अपराधी पुलिस, सीबीआई एवं अन्य सरकारी एजेंसियों का अधिकारी बनकर लोगों को वीडियो कॉल के माध्यम से डराते-धमकाते हैं तथा गिरफ्तारी का भय दिखाकर धनराशि की मांग करते हैं। उन्होंने ऐसे मामलों में सतर्क रहने, अपनी गोपनीय जानकारी साझा नहीं करने तथा किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर धनराशि हस्तांतरित नहीं करने की समझाइश दी। प्रशिक्षण के दौरान साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों की सहायता, धोखाधड़ी की राशि की वसूली के लिए समय पर शिकायत दर्ज कराने, साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 तथा आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से शिकायत करने की प्रक्रिया की जानकारी दी गई।
पैरालीगल वालंटियर्स को निर्देश दिए है कि वे अपने-अपने कार्यक्षेत्र में आम नागरिकों को साइबर अपराधों एवं डिजिटल अरेस्ट के प्रति जागरूक करें तथा साइबर अपराध से पीड़ित व्यक्तियों को शिकायत दर्ज कराने, संबंधित विभागों से संपर्क करने एवं पात्रतानुसार निःशुल्क विधिक सहायता प्राप्त करने में सहयोग प्रदान करें।