मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना

मुंगेली, 13 अक्टूबर 2026/sns/- शासन की जनकल्याणकारी योजनाएं जरूरतमंद परिवारों के लिए आर्थिक संबल बनने के साथ युवतियों को आत्मनिर्भर बनाने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं। इसी कड़ी में मुंगेली विकासखंड के ग्राम सोढ़ार निवासी साक्षी राजपूत ने मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना के तहत मिली 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता से सिलाई मशीन खरीदी और घर पर ही स्वरोजगार शुरू कर दिया। आज वह सिलाई कार्य के माध्यम से प्रतिदिन 400 से 500 तक अर्जित कर रही हैं और अपने परिवार की आर्थिक मदद कर रही हैं। साक्षी राजपूत ने बताया कि योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन करने पर साक्षी को एकमुश्त 20 हजार रूपए की आर्थिक सहायता प्राप्त हुई। इस राशि का उपयोग उन्होंने सिलाई मशीन खरीदने में किया और घर से ही सिलाई का काम शुरू कर दिया। अपनी मेहनत और लगन से उन्होंने कमाई का साधन विकसित किया। अब उनकी आय से परिवार को आर्थिक सहयोग मिल रहा है और वह आत्मनिर्भर बनने की दिशा में आगे बढ़ रही हैं।
साक्षी ने शासन से प्राप्त सहायता राशि को स्वरोजगार शुरू करने में लगाया। सिलाई मशीन के माध्यम से घर पर काम शुरू करने से उन्हें अपनी आजीविका अर्जित करने का अवसर मिला। इस पहल ने न केवल परिवार की आर्थिक मदद करने का रास्ता खोला, बल्कि साक्षी को अपने कौशल के आधार पर आगे बढ़ने का आत्मविश्वास भी दिया। स्वरोजगार शुरू करने के बाद साक्षी ने श्रम विभाग के अंतर्गत छत्तीसगढ़ असंगठित कर्मकार राज्य सामाजिक सुरक्षा मंडल में दर्जी प्रवर्ग के अंतर्गत पंजीयन भी कराया है, जिससे वे नियमानुसार विभागीय योजनाओं के लिए पात्रता प्राप्त करने की दिशा में आगे बढ़ सकेंगी। साक्षी के पिता श्री संजय राजपूत ने बताया कि उन्होंने अपनी द्वितीय पुत्री के लिए योजना के अंतर्गत ऑनलाइन आवेदन किया था। शासन से प्राप्त आर्थिक सहायता उनके परिवार के लिए उपयोगी साबित हुई। इस सहायता से साक्षी ने अपना काम शुरू किया और परिवार की आर्थिक स्थिति को सहारा देने में योगदान दे रही हैं।
श्रम पदाधिकारी श्रीमती नचिकेता तिवारी ने बताया कि मुख्यमंत्री नोनी सशक्तीकरण सहायता योजना का उद्देश्य पंजीकृत निर्माण श्रमिकों की प्रथम दो संतानों में शामिल पात्र अविवाहित पुत्रियों को सशक्त एवं आत्मनिर्भर बनाना है। योजना के अंतर्गत निर्धारित पात्रता पूरी करने वाली 18 से 21 वर्ष आयु की तथा कक्षा 10वीं उत्तीर्ण पुत्री को प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (डीबीटी) के माध्यम से एकमुश्त 20 हजार रूपए की सहायता राशि प्रदान की जाती है। उन्होंने बताया कि इस राशि का उपयोग पुत्री की शिक्षा, रोजगार, स्वरोजगार को बेहतर बनाने अथवा विवाह संबंधी आवश्यकताओं के लिए किया जा सकता है।

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