आयुष्मान भारत योजना बनी संजीवनी, सुमित्रा वड्डे को मिला 1 लाख 80 हजार रुपए का निःशुल्क उपचारगंभीर बीमारी से जूझ रही सुमित्रा को आयुष्मान कार्ड से मिला नया जीवन, परिवार को आर्थिक संकट से मिली राहत
बीजापुर, 15 अक्टूबर 2026/sns/-केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना गरीब एवं जरूरतमंद परिवारों के लिए जीवनदायिनी साबित हो रही है। गंभीर बीमारियों के महंगे इलाज की चिंता से जूझ रहे परिवारों को इस योजना के माध्यम से निःशुल्क एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सुविधाएं मिल रही हैं। इसी कड़ी में बीजापुर जिले के भैरमगढ़ विकासखंड अंतर्गत केरकेली गांव की निवासी सुमित्रा वड्डे के लिए आयुष्मान भारत योजना संजीवनी बनकर सामने आई। गंभीर बीमारी से पीड़ित सुमित्रा का दुर्ग के मित्तल भिलाई हॉस्पिटल में 1 लाख 80 हजार 480 रुपए का निःशुल्क उपचार हुआ, जिससे उनके परिवार को बड़ी आर्थिक राहत मिली।
गंभीर बीमारी ने बढ़ाई चिंता, महंगे इलाज की चुनौती आई सामने- कभी बीमारी की चिंता तो कभी महंगे इलाज का डर, सुमित्रा वड्डे का परिवार ऐसी ही कठिन परिस्थितियों से गुजर रहा था। वर्ष 2025 में सुमित्रा गंभीर बीमारी से पीड़ित हो गई थीं। स्वास्थ्य संबंधी परेशानी बढ़ने पर चिकित्सकीय जांच कराई गई, जिसमें उन्हें गंभीर बीमारी होने की जानकारी मिली। चिकित्सकों ने बेहतर उपचार के लिए मेडिकल ऑन्कोलॉजी (कैंसर रोग विभाग) में भर्ती होकर इलाज कराने की सलाह दी। उपचार की लंबी प्रक्रिया और संभावित खर्च को लेकर परिवार चिंतित था। ऐसे मुश्किल समय में आयुष्मान भारत योजना उनके लिए उम्मीद की किरण बनकर सामने आई।
आयुष्मान कार्ड से मिला 1 लाख 80 हजार 480 रुपए का निःशुल्क इलाज- सुमित्रा वड्डे के परिवार के पास आयुष्मान भारत योजना का कार्ड उपलब्ध था। इसी कार्ड के माध्यम से उन्हें दुर्ग स्थित मित्तल भिलाई हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। अस्पताल में आवश्यक जांच, दवाइयों, भर्ती एवं उपचार सहित चिकित्सा संबंधी खर्च योजना के अंतर्गत वहन किया गया। सुमित्रा के उपचार में कुल 1 लाख 80 हजार 480 रुपए की राशि खर्च हुई, जिसका भुगतान आयुष्मान भारत योजना के माध्यम से किया गया। इससे परिवार को इलाज के लिए अपनी जमा पूंजी खर्च करने अथवा कर्ज लेने की आवश्यकता नहीं पड़ी।
स्वस्थ होकर घर लौटीं सुमित्रा, परिवार में लौटी खुशियां- समय पर बेहतर चिकित्सा सुविधा मिलने से सुमित्रा के स्वास्थ्य में सुधार हुआ और वे स्वस्थ होकर अपने घर लौट सकीं। महंगे इलाज की चिंता से परेशान परिवार को आयुष्मान भारत योजना ने बड़ी राहत प्रदान की। अब सुमित्रा अपने परिवार के साथ सामान्य जीवन जी रही हैं। इस योजना ने न केवल उनके उपचार में सहायता की, बल्कि परिवार को आर्थिक संकट से भी सुरक्षित रखा।