चार जिलों की विद्युत व्यवस्था की प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने की व्यापक समीक्षा
राजनांदगांव, 16 अक्टूबर 2026/sns/-छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड के प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने राजनांदगांव क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले राजनांदगांव, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई तथा मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिलों की विद्युत वितरण व्यवस्था, निर्माण एवं रखरखाव कार्यों तथा शासन की विभिन्न योजनाओं की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में निर्बाध एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति, मुख्यमंत्री शहरीय विद्युतीकरण योजना, मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना, मुख्यमंत्री मजराटोला योजना, कृषि पंप विद्युतीकरण, प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान, मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना तथा आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटर स्थापना सहित सभी प्रमुख विभागीय कार्यों की समीक्षा की गई। इसके साथ ही एलटी एवं एचटी लाइनों के विस्तार, वितरण ट्रांसफार्मरों की स्थिति, 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों के मेंटेनेंस, ट्रांसफार्मर एवं सबस्टेशन के रखरखाव, विद्युत दुर्घटनाओं, डिस्ट्रीब्यूशन लॉस एवं एटीएंडसी लॉस, असेसमेंट प्रकरणों, 33 केवी लाइन स्तर पर वितरण हानि, एलटी यूनिट में वृद्धि एवं विद्युत मांग, एचटी एवं एलटी कनेक्शनों तथा बकाया राजस्व राशि की वसूली की स्थिति पर भी विस्तार से चर्चा की गई। समीक्षा बैठक में महाप्रबंधक वित्त रायपुर श्री नवीन कुमार ठाकुर, राजनांदगांव क्षेत्र के मुख्य अभियंता श्री हर्श कुमार मेश्राम, अतिरिक्त मुख्य अभियंता श्री मंगल तिर्की, अधीक्षण अभियंता श्री शंकेश्वर कंवर, श्री एस.के. बण्ड, श्री खूबचंद खोटे सहित क्षेत्र के सभी कार्यपालन अभियंता उपस्थित रहे।
प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत आपूर्ति उपलब्ध कराना सर्वाेच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। इसके लिए विद्युत लाइनों, वितरण ट्रांसफार्मरों, उपकेंद्रों तथा अन्य विद्युत उपकरणों का नियमित निरीक्षण एवं रखरखाव सुनिश्चित किया जाए। बैठक में एलटी एवं एचटी लाइनों के विस्तार, वितरण नेटवर्क की क्षमता, विद्युत भार में वृद्धि तथा बढ़ती मांग के अनुरूप आवश्यक अधोसंरचना विकसित करने से संबंधित विषयों की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि तकनीकी खामियों की समय रहते पहचान कर आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई की जाए, ताकि विद्युत आपूर्ति में अनावश्यक व्यवधान न हो। 33 केवी एवं 11 केवी लाइनों के नियमित मेंटेनेंस के साथ ट्रांसफार्मरों एवं सबस्टेशनों की कार्यशीलता बनाए रखने पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता बताई गई। विद्युत उपकरणों की स्थिति की सतत निगरानी करते हुए आवश्यक रखरखाव कार्य समय पर पूरा करने पर जोर दिया गया।
बैठक में मुख्यमंत्री शहरीय विद्युतीकरण योजना, मुख्यमंत्री विद्युत अधोसंरचना विकास योजना तथा मुख्यमंत्री मजराटोला योजना के अंतर्गत संचालित कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि संबंधित योजनाओं के कार्यों की नियमित निगरानी करें तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाएं।
विद्युतीकरण से संबंधित आवश्यकताओं, विद्युत नेटवर्क के विस्तार तथा अधोसंरचना विकास के कार्यों में गुणवत्ता और समयबद्धता सुनिश्चित करने पर जोर दिया गया। योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली तकनीकी एवं प्रशासनिक समस्याओं का समन्वय के साथ निराकरण करने के निर्देश भी दिए गए।
कृषि पंप विद्युतीकरण और नए कनेक्शनों पर ध्यान
कृषि पंप विद्युतीकरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कृषि उपभोक्ताओं को विद्युत कनेक्शन उपलब्ध कराने से संबंधित कार्यों पर चर्चा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि कृषि पंप कनेक्शन से जुड़े प्रकरणों की नियमित समीक्षा करें तथा आवश्यक विद्युत अधोसंरचना उपलब्ध कराने के लिए नियोजित तरीके से कार्य करें। बैठक में एचटी एवं एलटी कनेक्शनों की स्थिति, नए कनेक्शनों की मांग तथा विद्युत भार में वृद्धि से जुड़े विषयों पर भी ध्यान दिया गया। बढ़ती मांग के अनुरूप वितरण व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने और उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार विद्युत सुविधा उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया।
आरडीएसएस के अंतर्गत स्मार्ट मीटर कार्यों की समीक्षा
पुनर्गठित वितरण क्षेत्र योजना (आरडीएसएस) के अंतर्गत स्मार्ट मीटर स्थापना के कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को स्मार्ट मीटर से संबंधित कार्यों की नियमित निगरानी करने तथा निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप कार्यों को आगे बढ़ाने के निर्देश दिए गए। स्मार्ट मीटर स्थापना के दौरान आने वाली व्यावहारिक समस्याओं का समाधान करने, उपभोक्ताओं को मीटर की कार्यप्रणाली एवं बिलिंग से संबंधित जानकारी उपलब्ध कराने तथा शिकायतों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने पर बल दिया गया। साथ ही, विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक प्रभावी और पारदर्शी बनाने के लिए तकनीकी सुधारों पर ध्यान देने के निर्देश दिए गए।
प्रधानमंत्री सूर्य घर एवं राज्य शासन की ऊर्जा योजनाओं के क्रियान्वयन पर जोर
बैठक में प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना, मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान तथा मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना की प्रगति की भी समीक्षा की गई। प्रधानमंत्री सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के अंतर्गत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर के लाभों की जानकारी देने, योजना के प्रचार-प्रसार को प्रभावी बनाने और इच्छुक उपभोक्ताओं को आवेदन प्रक्रिया में मार्गदर्शन उपलब्ध कराने पर जोर दिया गया। मुख्यमंत्री ऊर्जा राहत जन अभियान के अंतर्गत संबंधित प्रावधानों की जानकारी उपभोक्ताओं तक पहुंचाने तथा मुख्यमंत्री बिजली बिल भुगतान समाधान योजना के तहत पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार लाभ प्राप्त करने में सहायता देने पर बल दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि योजनाओं के क्रियान्वयन की नियमित समीक्षा करें और उपभोक्ताओं की शंकाओं एवं समस्याओं का समाधान प्राथमिकता से करें।
डिस्ट्रीब्यूशन लॉस एवं एटीएंडसी लॉस में कमी लाने के निर्देश
विद्युत वितरण व्यवस्था की दक्षता बढ़ाने के उद्देश्य से डिस्ट्रीब्यूशन लॉस तथा एटीएंडसी लॉस की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि वितरण हानियों के कारणों की पहचान कर आवश्यक तकनीकी एवं वाणिज्यिक सुधारात्मक उपाय अपनाएं। बैठक में 33 केवी लाइन स्तर पर वितरण हानि तथा एलटी स्तर पर यूनिट में वृद्धि और विद्युत मांग के बीच संबंधों की निगरानी के महत्व पर भी चर्चा की गई। विद्युत नेटवर्क की नियमित जांच, मीटरिंग एवं बिलिंग व्यवस्था में सुधार तथा विद्युत के अनधिकृत उपयोग पर नियमानुसार कार्रवाई के माध्यम से वितरण प्रणाली की कार्यक्षमता बढ़ाने पर जोर दिया गया।
असेसमेंट प्रकरणों और राजस्व वसूली की समीक्षा
बैठक में असेसमेंट प्रकरणों, बकाया विद्युत देयकों तथा राजस्व वसूली की स्थिति की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि लंबित प्रकरणों का नियमानुसार निराकरण करें और बकाया राजस्व की वसूली के लिए योजनाबद्ध प्रयास सुनिश्चित करें। साथ ही, नियमित बिलिंग, उपभोक्ताओं को समय पर विद्युत देयकों की जानकारी उपलब्ध कराने तथा बिलिंग संबंधी शिकायतों का त्वरित समाधान करने पर जोर दिया गया। राजस्व वसूली के साथ उपभोक्ता सेवाओं की गुणवत्ता बनाए रखने और विभागीय कार्यों में पारदर्शिता एवं जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए।
विद्युत दुर्घटनाओं की समीक्षा और सुरक्षा मानकों के पालन पर बल
बैठक में विद्युत दुर्घटनाओं से संबंधित जानकारी की समीक्षा करते हुए सुरक्षा मानकों के पालन को प्राथमिकता देने पर जोर दिया गया। अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि विद्युत लाइनों, ट्रांसफार्मरों, उपकेंद्रों तथा अन्य विद्युत उपकरणों के रखरखाव और मरम्मत के दौरान निर्धारित सुरक्षा प्रक्रियाओं का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करें। विद्युत दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए संवेदनशील स्थानों की निगरानी, आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई तथा कर्मचारियों एवं आम नागरिकों की सुरक्षा के प्रति सतर्कता बरतने पर बल दिया गया। विद्युत कार्यों के दौरान लापरवाही की गुंजाइश न रखते हुए सुरक्षा संबंधी निर्देशों का पालन सुनिश्चित करने की आवश्यकता बताई गई।
उपभोक्ता शिकायतों का त्वरित निराकरण और जवाबदेही सुनिश्चित करने के निर्देश
प्रबंध निदेशक श्री कंवर ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि विद्युत आपूर्ति, मीटर, बिलिंग, ट्रांसफार्मर तथा अन्य सेवाओं से संबंधित उपभोक्ता शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए निर्धारित समय-सीमा में निराकृत किया जाए। लंबित शिकायतों की नियमित समीक्षा करते हुए उनके समाधान के लिए आवश्यक कार्रवाई की जाए। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मैदानी अमले के साथ समन्वय मजबूत करें, उपलब्ध संसाधनों का प्रभावी उपयोग करें और विभागीय कार्यों की नियमित निगरानी सुनिश्चित करें। विद्युत वितरण व्यवस्था को अधिक विश्वसनीय बनाने के लिए तकनीकी सुधार, बेहतर रखरखाव और उपभोक्ता सेवाओं में निरंतर सुधार पर विशेष ध्यान दिया जाए।
चारों जिलों में समन्वित प्रयासों से बेहतर विद्युत सेवाओं का लक्ष्य
समीक्षा बैठक में चारों जिलों के अधिकारियों को विद्युत आपूर्ति की निरंतरता बनाए रखने, निर्माण एवं रखरखाव कार्यों में गुणवत्ता सुनिश्चित करने, विभागीय योजनाओं की प्रगति पर निगरानी रखने तथा राजस्व वसूली एवं वितरण हानियों में सुधार के लिए समन्वित प्रयास करने के निर्देश दिए गए। प्रबंध निदेशक श्री भीम सिंह कंवर ने अपेक्षा की कि सभी अधिकारी निर्धारित लक्ष्यों के अनुरूप जिम्मेदारी और प्रतिबद्धता के साथ कार्य करें। बैठक का उद्देश्य विद्युत वितरण प्रणाली को सुदृढ़ बनाना, तकनीकी एवं वाणिज्यिक कार्यों में सुधार लाना, शासन की योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को गति देना तथा चारों जिलों के उपभोक्ताओं को निर्बाध, सुरक्षित एवं गुणवत्तापूर्ण विद्युत सेवाएं उपलब्ध कराना रहा।