“पीएम आशा योजना“ के तहत समर्थन मूल्य पर होगी दलहन-तिलहन की खरीद

सुकमा, 17 अक्टुबर 2026/sns/- जिले के अन्नदाताओं के आर्थिक सशक्तीकरण और उनकी उपज का सही मूल्य दिलाने की दिशा में सुकमा जिला प्रशासन ने एक अत्यंत महत्वपूर्ण एवं सराहनीय कदम उठाया है। केंद्र सरकार की जनकल्याणकारी ‘प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान’ (पीएम आशा योजना) के अंतर्गत खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए अरहर, मूंग, उड़द, मूंगफली और सोयाबीन उत्पादक किसानों के पंजीयन का कार्य युद्धस्तर पर शुरू कर दिया गया है। प्रशासन की इस संवेदनशील पहल से किसानों को बिचौलियों से मुक्ति मिलेगी और उनकी फसलों की पारदर्शी तरीके से सीधी खरीद सुनिश्चित होगी।  
   किसानों को मिलेगा फसलों का बंपर समर्थन मूल्य किसानों की आय में वृद्धि सुनिश्चित करने के लिए सरकार द्वारा आकर्षक न्यूनतम समर्थन मूल्य निर्धारित किया गया है। इसके तहत प्रति क्विंटल अरहर 8,450 रुपये, मूंग 8,780 रुपये, उड़द 8,200 रुपये, मूंगफली 7,517 रुपये तथा सोयाबीन 5,708 रुपये की दर से खरीदी जाएगी। जिले के लिए चिन्हित केंद्रीय एजेंसी के माध्यम से पंजीकृत किसानों से यह उपार्जन पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाएगा। उप संचालक कृषि कार्यालय के अनुसार, सुकमा जिले के किसानों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए 4 प्रमुख आदिम जाति सेवा सहकारी समितियोंकृसुकमा, छिन्दगढ़, कुकानार एवं दोरनापालकृको खरीद केंद्र के रूप में अधिसूचित किया गया है।  
सरल दस्तावेज प्रक्रिया और अधिकारियों का मार्गदर्शन
प्रशासन ने किसानों की सुविधा के लिए पंजीयन प्रक्रिया को बेहद सरल और सुलभ बनाया है। किसान अपनी संबंधित प्राथमिक सेवा सहकारी समिति में जाकर एकीकृत किसान पोर्टल के माध्यम से आसानी से पंजीयन करा सकते हैं। इसके लिए मोबाइल नंबर, आधार कार्ड, ऋण पुस्तिका (बी-1, पी-2) तथा बैंक पासबुक की छायाप्रति आवश्यक होगी। किसी भी प्रकार की तकनीकी सहायता या मार्गदर्शन के लिए किसान अपने क्षेत्र के ग्रामीण कृषि विस्तार अधिकारी अथवा वरिष्ठ कृषि विस्तार अधिकारी से संपर्क कर सकते हैं। जिन किसानों का पहले से पोर्टल पर पंजीयन है, वे अपने रकबे में आवश्यक संशोधन भी करा सकते हैं।  
अंतिम तिथि का न करें इंतजार, तुरंत उठाएं लाभ
जिला प्रशासन व कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान भाइयों से पुरजोर अपील की है कि वे अंतिम तिथि की प्रतीक्षा किए बिना समय रहते अपना पंजीयन अवश्य करा लें। पंजीयन एवं रकबा संशोधन की अंतिम तिथि 31 अक्टूबर 2026 निर्धारित की गई है। प्रशासन का मुख्य ध्येय जिले के प्रत्येक पात्र किसान तक इस योजना का लाभ पहुंचाना है, जिससे क्षेत्र का हर अन्नदाता आत्मनिर्भर और समृद्ध बन सके।

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