नवपदस्थ 20 ग्राम पंचायत सचिवों का तीन दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण संपन्न
सुकमा, 29 अक्टुबर 2026/sns/- ग्राम पंचायतों में प्रशासनिक कार्यप्रणाली को सुदृढ़ बनाने, शासकीय योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन तथा ग्रामीणों तक जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने के उद्देश्य से 26 से 28 अक्टूबर 2026 तक नव पदस्थ ग्राम पंचायत सचिवों का तीन दिवसीय उन्मुखीकरण प्रशिक्षण जिला पंचायत सुकमा के सभाकक्ष में आयोजित किया गया। कलेक्टर श्री अमित कुमार और जिला सीईओ श्री मुकुन्द ठाकुर के मार्गदर्शन में आयोजित प्रशिक्षण में 20 नव पदस्थ ग्राम पंचायत सचिवों को पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित विभिन्न शासकीय योजनाओं, पंचायत के दायित्वों, वित्तीय प्रबंधन तथा विकास कार्यों के क्रियान्वयन की विस्तृत जानकारी दी गई। प्रशिक्षण का उद्देश्य सचिवों को उनके कार्यों एवं जिम्मेदारियों के प्रति दक्ष बनाकर ग्राम पंचायतों में सुशासन और विकास कार्यों को गति प्रदान करना रहा।
आवास, स्वच्छता एवं पंचायत विकास योजनाओं के क्रियान्वयन की दी गई जानकारी प्रशिक्षण के प्रथम दिवस प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण, मुख्यमंत्री आवास योजना, विशेष परियोजना तथा आवास प्लस 2.0 सर्वे के संबंध में मार्गदर्शन दिया गया। प्रधानमंत्री आवास योजना ग्रामीण के अंतर्गत पात्र हितग्राहियों को निर्धारित मापदंडों के अनुसार तीन किश्तों में 1.20 लाख रुपये की सहायता, जियो टैगिंग की प्रक्रिया तथा अभिसरण के माध्यम से वीबी-जी राम जी योजना के तहत मजदूरी एवं स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण के अंतर्गत शौचालय निर्माण हेतु मिलने वाली सहायता की जानकारी दी गई। इसके साथ ही 16वें वित्त आयोग के अनुदान के उपयोग, ग्राम पंचायत विकास योजना (जीपीडीपी) तैयार करने, खुले में शौच मुक्त गांवों की स्थिति बनाए रखने, ओडीएफ प्लस, ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन तथा ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम 2026 के क्रियान्वयन पर प्रशिक्षण दिया गया।
रोजगार गारंटी, सामाजिक सहायता और पंचायत के वित्तीय दायित्वों पर विशेष प्रशिक्षण दूसरे दिन वीबी-जी राम जी योजना के उद्देश्यों, रोजगार की मांग, जॉब कार्ड, मजदूरी भुगतान, बेरोजगारी भत्ता, ग्राम पंचायत की जिम्मेदारियों तथा जल संरक्षण से संबंधित महत्वपूर्ण कार्यों की जानकारी दी गई। योजना के अंतर्गत 125 दिनों के रोजगार की गारंटी, अनुमेय कार्यों और उपस्थिति दर्ज करने की प्रक्रिया पर भी मार्गदर्शन दिया गया। इसके अलावा छत्तीसगढ़ शासन की श्रद्धांजलि योजना के तहत पात्र मृतक के परिवार को तत्काल 2,000 रुपये की आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने, विभिन्न विकास प्राधिकरणों एवं विकास निधि योजनाओं के अंतर्गत स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायतों में अनिवार्य एवं ऐच्छिक करों तथा सेवा शुल्क की वसूली और छत्तीसगढ़ लोक सेवा गारंटी अधिनियम, 2011 के प्रावधानों की जानकारी दी गई। सचिवों को पात्र परिवारों तक योजनाओं का लाभ शीघ्र पहुंचाने के लिए प्रेरित किया गया।
महिला सशक्तीकरण, डिजिटल कार्यप्रणाली और ग्राम सभा के संचालन पर दिया गया जोर प्रशिक्षण के तीसरे दिन राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के अंतर्गत महिलाओं को स्वयं सहायता समूहों से जोड़ने, कौशल विकास, आजीविका संवर्धन एवं आर्थिक आत्मनिर्भरता के विभिन्न उपायों की जानकारी दी गई। समूहों को उपलब्ध वित्तीय सहायता तथा आजीविका गतिविधियों को प्रोत्साहित करने के संबंध में भी मार्गदर्शन प्रदान किया गया। साथ ही, राष्ट्रीय ग्राम स्वराज अभियान (आरजीएसए) के अंतर्गत उपयोग किए जाने वाले ऑनलाइन पोर्टल एवं मोबाइल एप्लीकेशन, मुख्यमंत्री समग्र विकास योजना के तहत स्वीकृत कार्यों के क्रियान्वयन, ग्राम पंचायत बजट अनुमान, वार्षिक लेखों और ग्राम सभा के आयोजन एवं संचालन की प्रक्रियाओं पर विस्तार से प्रशिक्षण दिया गया। सचिवों को पंचायत स्तर पर पारदर्शिता, जवाबदेही और जनभागीदारी सुनिश्चित करते हुए विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ पूरा करने के लिए मार्गदर्शन दिया गया।
प्रशिक्षण से पंचायत सचिवों की कार्यक्षमता बढ़ेगी और ग्रामीण विकास को मिलेगी गति तीन दिवसीय प्रशिक्षण के समापन पर नव पदस्थ ग्राम पंचायत सचिवों के साथ विभिन्न विषयों पर चर्चा-परिचर्चा की गई। सचिवों ने प्रशिक्षण को उपयोगी बताते हुए प्राप्त जानकारी से संतुष्टि व्यक्त की तथा कलेक्टर श्री अमित कुमार एवं मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्री मुकुन्द ठाकुर के प्रति आभार जताया। प्रशिक्षण से सचिवों को शासकीय योजनाओं की प्रक्रियाओं, वित्तीय प्रबंधन, डिजिटल संसाधनों और पंचायत प्रशासन की जिम्मेदारियों को बेहतर ढंग से समझने में मदद मिली। इससे ग्राम पंचायत स्तर पर योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन, पात्र हितग्राहियों को समय पर लाभ दिलाने तथा ग्रामीण क्षेत्रों में विकास एवं जनसेवा की व्यवस्था को और मजबूत बनाने में सहायता मिलेगी।