खेत बचाओ अभियान के तहत 30 नवंबर तक किसानों को किया जाएगा जागरूक
कवर्धा, 30 अक्टूबर 2026/sns/- जिले में किसानों को आधुनिक, टिकाऊ एवं लाभकारी कृषि पद्धतियों से जोड़ने के उद्देश्य से राष्ट्रव्यापी ‘खेत बचाओ अभियान’ चलाया जा रहा है। भारत सरकार एवं कृषि संचालनालय के निर्देशानुसार 30 नवंबर 2026 तक जिले के विभिन्न ग्रामों एवं विकासखंडों में सघन जागरूकता और प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। अभियान के माध्यम से किसानों को मिट्टी की उर्वरता बनाए रखने, रासायनिक खाद एवं कीटनाशकों का संतुलित उपयोग करने, प्राकृतिक खेती अपनाने तथा जल एवं प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के लिए प्रेरित किया जाएगा।
अभियान के दौरान किसानों को खेती की लागत कम करने और उत्पादन एवं आय बढ़ाने के व्यावहारिक उपायों की जानकारी दी जाएगी। इसके तहत फसलों में जैविक खाद एवं जैव उत्पादों के उपयोग, फसल विविधीकरण और खाली पड़ी कृषि भूमि के बेहतर उपयोग पर विशेष जोर रहेगा। वहीं, फसल अवशेष (पराली) जलाने के बजाय उसके उचित प्रबंधन, जल संचयन, भूजल पुनर्भरण तथा ड्रिप और स्प्रिंकलर जैसी आधुनिक सूक्ष्म सिंचाई तकनीकों को अपनाने के लिए भी किसानों को प्रोत्साहित किया जाएगा।
शासकीय योजनाओं का लाभ लेने किसानों को किया जाएगा प्रेरित
अभियान के अंतर्गत किसानों को विभिन्न शासकीय योजनाओं एवं कृषि सेवाओं की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाएगी। किसानों की फार्मर आईडी बनाने एवं उसे अद्यतन करने, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना, किसान क्रेडिट कार्ड संतृप्ति अभियान तथा एकीकृत कीट प्रबंधन (आईपीएम) के संबंध में जानकारी देकर पात्र किसानों को योजनाओं का लाभ लेने के लिए प्रेरित किया जाएगा।
गांव-गांव पहुंचेंगे कृषि विभाग के अधिकारी-कर्मचारी
किसानों तक अभियान का लाभ पहुंचाने के लिए कृषि विभाग, कृषि विज्ञान केंद्र, कृषि महाविद्यालय एवं आत्मा परियोजना के अधिकारी-कर्मचारी संयुक्त रूप से विकासखंड एवं ग्राम स्तर पर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित करेंगे। संगोष्ठियों, प्रशिक्षण शिविरों और अन्य गतिविधियों के माध्यम से किसानों को उन्नत कृषि तकनीकों, मृदा स्वास्थ्य प्रबंधन, प्राकृतिक खेती तथा कृषि लागत कम करने के प्रभावी तरीकों की जानकारी दी जाएगी।
किसानों से अभियान में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील
कृषि विभाग ने जिले के सभी किसान भाइयों, जनप्रतिनिधियों, सरपंचों, उपसरपंचों, पंचों एवं महिला स्व-सहायता समूहों से अभियान में सक्रिय सहभागिता निभाने की अपील की है। विभाग ने किसानों से आयोजित प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रमों में शामिल होकर आधुनिक और टिकाऊ कृषि पद्धतियों को अपनाने तथा प्राकृतिक संसाधनों का संरक्षण करने का आह्वान किया है। अभियान का उद्देश्य खेती को अधिक लाभकारी बनाने के साथ मिट्टी, पानी और पर्यावरण को सुरक्षित रखते हुए कृषि को दीर्घकालिक रूप से समृद्ध बनाना है।