प्रोजेक्ट उन्नति 2.0 के तहत मनरेगा श्रमिकों के हाथ अब बनेंगे हुनरमंद

उदयपुर के 35 ग्रामीणों को दिया जा रहा 30 दिवसीय  राजमिस्त्री का प्रशिक्षण


अंबिकापुर, 03 फरवरी 2026/sns/-  
 महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत ग्रामीण युवाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनाने हेतु जिले में ’प्रोजेक्ट उन्नति 2.0’ के अंतर्गत कौशल विकास की पहल शुरू की गई है। इसी कड़ी में जनपद पंचायत उदयपुर की विभिन्न ग्राम पंचायतों के 35 ग्रामीणों के लिए 30 दिवसीय ’राजमिस्त्री प्रशिक्षण’ कार्यक्रम का विधिवत शुभारंभ किया गया है।

तकनीकी बारीकियों से रूबरू होंगे प्रशिक्षणार्थी
कलेक्टर श्री अजीत वसंत के निर्देशन एवं जिला पंचायत सीईओ श्री विनय कुमार अग्रवाल के नेतृत्व में आर-सेटी (RSETI) अम्बिकापुर द्वारा संचालित इस प्रशिक्षण में ग्राम पंचायत डांडगांव, गुमगा, पंडरीडांड़ और सलबा के युवक-युवतियों को शामिल किया गया है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को भवन निर्माण की बारीकियां सिखाई जाएंगी। खास बात यह है कि प्रशिक्षणार्थी ग्राम पंचायत डांडगांव में निर्माणाधीन प्रधानमंत्री आवास योजना के मकानों पर प्रायोगिक अभ्यास (Practical) करेंगे। इसमें ले-आउट, फाउंडेशन, कॉलम निर्माण, ईंट-चिनाई, प्लास्टर और गुणवत्ता मानकों की विस्तृत जानकारी विशेषज्ञों द्वारा दी जाएगी।

सीखने के साथ कमाई भी, 261 रुपये प्रतिदिन मजदूरी
योजना की विशेषता यह है कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों के आर्थिक हितों का भी ध्यान रखा गया है। मनरेगा के तहत 60 दिन का कार्य पूर्ण कर चुके इन युवाओं को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 261 रुपये प्रतिदिन की दर से मजदूरी का भुगतान किया जाएगा। इससे उन्हें हुनर सीखने के साथ-साथ परिवार चलाने हेतु आर्थिक संबल भी प्राप्त होगा।

प्रशिक्षण प्राप्त करने पर मिलेगा टूल-किट और ऋण
प्रशिक्षण कार्यक्रम के दौरान जिला पंचायत की अतिरिक्त मुख्य कार्यपालन अधिकारी श्रीमती नेहा सिंह ने प्रतिभागियों से सीधा संवाद किया। उन्होंने कहा, “यह 30 दिन का प्रशिक्षण आपके भविष्य की आय बढ़ाने का मजबूत आधार बनेगा। इसे गंभीरता से सीखें ताकि आप कुशल राजमिस्त्री बनकर आत्मनिर्भर बन सकें।“ उन्होंने यह भी जानकारी दी कि प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को टूल-किट और भोजन की सुविधा दी जाएगी। साथ ही, प्रशिक्षण उपरांत स्वरोजगार स्थापित करने हेतु बैंक ऋण दिलाने में भी प्रशासन सहयोग करेगा।

ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मिलेगी मजबूती
18 से 45 वर्ष आयु वर्ग के ये प्रतिभागी प्रशिक्षण के बाद न केवल सरकारी योजनाओं जैसे पीएम आवास, बल्कि निजी निर्माण कार्यों में भी बेहतर रोजगार प्राप्त कर सकेंगे। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में कुशल राजमिस्त्रियों की कमी दूर होगी और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे।

About The Author

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *