ग्राम पंचायत तर्रा में 41 वर्षों का सूखा खत्म, सांसद और विधायक की पहल पर नहर मरम्मत कार्य शुरू, ग्रामीणों में हर्ष

धरसींवा / sns /12/6/26रायपुर ग्राम पंचायत तर्रा के ग्रामीणों के लिए आज का दिन ऐतिहासिक और खुशियों से भरा रहा। पिछले 41 वर्षों (सन 1985) से बंद पड़ी नहर में एक बार फिर पानी आने की उम्मीद जग गई है। शासन-प्रशासन के स्तर पर वर्षों से लंबित इस गंभीर समस्या का समाधान आखिरकार रायपुर लोकसभा सांसद और धरसींवा विधायक अनुज शर्मा के त्वरित प्रयासों से हो गया है, जिसके बाद नहर का निर्माण एवं मरम्मत कार्य आज से विधिवत प्रारंभ कर दिया गया है। ग्राम पंचायत तर्रा में सन 1985 से नहर से पानी मिलना पूरी तरह बंद हो गया था। इस समस्या को लेकर पूर्व ग्राम सभा अध्यक्ष राकेश वर्मा एवं उनके साथियों के द्वारा पूर्व में शासन को कई बार पत्र सौंपकर अवगत कराया गया था, किंतु लंबे समय तक इस पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो सकी थी। हाल ही में आयोजित ‘सुशासन तिहार’ के मंच पर ग्राम पंचायत तर्रा की सरपंच श्रीमती सीमा वर्मा एवं ग्राम सभा के सदस्यों ने इस जनहित के मुद्दे को एक बार फिर पुरजोर तरीके से उठाया।सरपंच सीमा वर्मा और ग्रामीणों ने सुशासन तिहार के दौरान उपस्थित माननीय सांसद (रायपुर लोकसभा) एवं स्थानीय विधायक अनुज शर्मा के समक्ष अपनी व्यथा रखी और समस्या के तत्काल निराकरण के लिए निवेदन किया। ग्रामीणों की इस जायज और पुरानी मांग पर सांसद एवं विधायक महोदय ने संवेदनशीलता दिखाते हुए मंच से ही जल संसाधन विभाग के उच्च अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और तत्काल कार्य प्रारंभ करने के सख्त निर्देश जारी किए। *ग्रामीणों ने जताया आभार* जनप्रतिनिधियों के निर्देश के बाद विभाग हरकत में आया और आज मौके पर नहर का कार्य युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया गया है। नहर का काम शुरू होते ही ग्राम तर्रा के किसानों और आम निवासियों में अत्यंत हर्ष की लहर है। वर्षों पुरानी सिंचाई की समस्या दूर होने से उत्साहित समस्त ग्रामवासियों ने त्वरित जनसुनवाई और त्वरित कार्रवाई के लिए माननीय सांसद एवं विधायक अनुज शर्मा का सहृदय धन्यवाद और आभार ज्ञापित किया है।इस अवसर पर ग्रामसभा पूर्व अध्यक्ष श्री राकेश वर्मा, उपसरपंच श्री मनीष वर्मा, श्री संदीप वर्मा, ग्राम – सभा अध्यक्ष श्री दिनेश वर्मा, एवं ग्राम वासी श्री पुरसोत्तम साहू, गोपी वर्मा पुनीत निषाद, ऋषिकांत शास्त्री,मंगलू निषाद, संजय वर्मा, नरोत्तम साहू, धरमु वैष्णव,अयोध्या निषाद, काशी निषाद,सुनील निषाद, झालेश्वर साहू एवं समस्त ग्रामीणजन का योगदान अहम रहा l

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