नुक्कड़ नाटक से जंगल बचाने की मुहिम ग्रामीणों को किया जा रहा जागरूक

बीजापुर, 29 मार्च 2026/sns/- छत्तीसगढ़ शासन के वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के मंत्री श्री केदार कश्यप की मंशा के अनुरूप, प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यप्राणी एवं जैव विविधता संरक्षण) श्री अरुण पाण्डे के मार्गदर्शन तथा मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीवन एवं क्षेत्रीय निदेशक इंद्रावती टाइगर रिजर्व जगदलपुर सुश्री स्टाइलो मण्डावी एवं उप निदेशक श्री संदीप बलगा (भा.व.से) के निर्देशन में इंद्रावती टाइगर रिजर्व, बीजापुर क्षेत्र में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है।
इस अभियान के तहत विभिन्न हाट बाजारों और गांवों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से ग्रामीणों को वन्यप्राणी संरक्षण एवं जंगलों में आग से बचाव के लिए जागरूक किया जा रहा है। इंद्रावती टाइगर रिजर्व घने जंगलों और समृद्ध जैव विविधता के लिए प्रसिद्ध है। जहां औषधीय पौधे, जड़ी-बूटियां, लघु वनोपज के साथ-साथ वन भैंसा, बाघ, तेंदुआ, भालू, चीतल, गिद्ध, उदबिलाव सहित अनेक दुर्लभ वन्यप्राणी पाए जाते हैं।
नुक्कड़ नाटक के जरिए ग्रामीणों को बताया जा रहा है कि वनों के विनाश से पर्यावरण असंतुलन, जल संकट और भूमि क्षरण जैसी गंभीर समस्याएं उत्पन्न होती हैं। लोगों को अधिक से अधिक पेड़-पौधे लगाने, जंगलों और वन्यजीवों की रक्षा करने तथा आग से बचाव के लिए प्रेरित किया जा रहा है।
अभियान में विशेष रूप से महुआ बीनने के दौरान पेड़ों के नीचे आग न लगाने, तेंदूपत्ता तोड़ाई के समय सही तरीके अपनाने और पारंपरिक तरीकों से वन्यजीवों का शिकार न करने की अपील की जा रही है। साथ ही ग्रामीणों को यह भी समझाया जा रहा है कि जंगल में आग लगाना या जलती आग को छोड़ देना गंभीर अपराध है।
कार्यक्रम के दौरान स्थानीय जनप्रतिनिधि, इको विकास समिति के सदस्य तथा ग्रामीणों की उपस्थिति में हिंदी, हल्बी, गोंडी और तेलुगु भाषाओं में जागरूकता संदेश दिए जा रहे हैं। ग्रामीणों से अपील की गई है कि जंगल में आग न लगाएं और यदि कहीं आग लगती है तो तुरंत वन विभाग को सूचना दें और आग बुझाने में सहयोग करें। यह जागरूकता अभियान भोपालपटनम, मद्देड़, नैमेड़, फरसेगढ़, मोदकपाल, तोयनार, भैरमगढ़, कुटरू, बीजापुर सहित कई क्षेत्रों के हाट बाजारों और गांवों में चलाया जा रहा है।
नुक्कड़ नाटक का मंचन रासपरब सांस्कृतिक संस्था जगदलपुर द्वारा श्री आशुतोष प्रसाद एवं श्री राकेश यादव के निर्देशन में किया जा रहा है।

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