बिहान योजना ने गायत्री को दिया संबल शेटरिंग प्लेट के व्यवसाय से बनीं आत्मनिर्भर


अम्बिकापुर 28 अप्रैल 2026/sns/- महिला सशक्तीकरण और छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन (बिहान) ग्रामीण क्षेत्रों की महिलाओं के लिए न केवल आर्थिक संबल बन रहा है, बल्कि उनके सपनों को नई उड़ान भी दे रहा है। अम्बिकापुर विकासखण्ड की ग्राम सुंदरपुर की रहने वाली श्रीमती गायत्री रोहिदास इस बदलाव की एक जीवंत मिसाल हैं। ’आकाश स्वयं सहायता समूह’ (SHG)से जुड़कर गायत्री ने न केवल खुद को स्वावलंबी बनाया है, बल्कि अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को भी मजबूती प्रदान की है।

50,000 रुपए के ऋण से खड़ा किया व्यवसाय
गायत्री बताती हैं कि समूह से जुड़ने से पहले आर्थिक स्थिति अच्छी नहीं थीं। बैंक या अन्य माध्यमों से ऋण लेना एक जटिल प्रक्रिया थी और निजी साहूकारों के पास ब्याज दरें इतनी अधिक थीं कि कर्ज चुकाना मुश्किल हो जाता था। समूह से जुड़ने के बाद मुझे 50,000 का ऋण बेहद कम ब्याज दर पर मिला। इस राशि से मैंने श्शेटरिंग प्लेटश् का काम शुरू किया, जो आज मेरी आजीविका का मुख्य आधार बन चुका है।

प्रधानमंत्री आवास योजना से मिला बाजार
गायत्री के साहस और बिहान योजना के सहयोग का परिणाम यह है कि आज उनके शेटरिंग सामान की मांग प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बन रहे मकानों में बढ़ गई है। निर्माण कार्यों में उनके शेटरिंग प्लेट्स का उपयोग हो रहा है, जिससे उन्हें निरंतर और अच्छी आमदनी प्राप्त हो रही है।

परिवार को मिला संबल, बच्चे गढ़ रहे भविष्य
गायत्री के पति मजदूरी का काम करते हैं। पहले घर की पूरी जिम्मेदारी उन पर थी, लेकिन अब गायत्री की आय ने घर की तस्वीर बदल दी है। उनका 12 वर्षीय बेटा सुंदरपुर के ही सरकारी स्कूल में शिक्षा प्राप्त कर रहा है। एक छोटी बच्ची की मां होने के साथ-साथ गायत्री अपने व्यवसाय को कुशलता से संभाल रही हैं।

एसएचजी से मिला आत्मनिर्भरता का नया सवेरा
बिहान योजना (छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन) की प्रशंसा करते हुए गायत्री कहती हैं कि इस योजना ने महिलाओं को किसी के आगे हाथ फैलाने की मजबूरी से मुक्ति दिलाई है। अब गाँव की महिलाएँ अपने पैरों पर खड़ी हैं और निर्णय लेने में सक्षम हैं।

बिहान के लिए जताया आभार
अपनी इस सफलता और आत्मनिर्भरता के लिए गायत्री रोहिदास ने प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और मुख्यमंत्री श्री विष्णु देव साय के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि शासन की इन जनहितैषी योजनाओं के कारण ही आज ग्रामीण अंचलों में ’लखपति दीदियों’ का सपना साकार हो रहा है।

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