कलेक्टर ने ली विकासखंड अकलतरा एवं बलौदा के पंचायत सचिवों तकनीकी सहायक एवं रोजगार सहायकों की समीक्षा बैठकनिर्माण

  जांजगीर-चांपा, 30 अप्रैल 2026/sns/-। कलेक्टर श्री जन्मेजय महोबे ने जिला मुख्यालय जांजगीर स्थित ऑडिटोरियम भवन में विकासखंड अकलतरा एवं बलौदा के पंचायत सचिवों, तकनीकी सहायक एवं रोजगार सहायकों की संयुक्त बैठक लेकर ग्रामीण विकास कार्यों की गहन समीक्षा की। कलेक्टर ने बैठक में ग्रामीण विकास कार्यों की गुणवत्ता, पारदर्शिता एवं समयबद्ध क्रियान्वयन को लेकर आवश्यक दिशा – निर्देश दिए। बैठक में जिला पंचायत सीईओ श्री गोकुल रावटे सहित संबंधित अधिकारी-कर्मचारी एवं सचिव, इंजीनियर्स, तकनीकी सहायक व रोजगार सहायक उपस्थित थे।
      कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि पंचायतों में संचालित निर्माण कार्यों में निर्माण सामग्रियों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने कहा कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता सुनिश्चित करना तकनीकी सहायकों, इंजीनियरों एवं संबंधित अधिकारियों की जिम्मेदारी होगी और किसी भी प्रकार की लापरवाही पाए जाने पर जवाबदेही तय कर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि पंचायतों को वास्तविक रूप से सशक्त बनाने के लिए कार्यों की गुणवत्ता सर्वाेपरि है। केवल कार्य पूर्ण करना पर्याप्त नहीं, बल्कि उसका टिकाऊ एवं मानक अनुरूप होना आवश्यक है।
     कलेक्टर ने कहा कि सभी पंचायतों में व्यापक स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाया जाएगा। जिसके लिए आवश्यक कार्ययोजना बनाने हेतु संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए। साथ ही उन्होंने पंचायतों में अतिक्रमण हटाने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्री महोबे ने कहा कि सुशासन तिहार के तहत 1 मई से 10 जून 2026 तक जनसमस्या निवारण शिविर आयोजित किए जाएंगे। ग्रामीण क्षेत्रों में 15 से 20 ग्राम पंचायतों के समूह के आधार पर शिविर लगाए जाएंगे। उन्होंने शिविरों में आवश्यक तैयारियां व मूलभूत व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। बैठक में कलेक्टर ने ज्ञानभारतम् पाण्डुलिपि सर्वेक्षण एवं जनगणना 2027 के संबंध में आवश्यक दिशा-निर्देश दिए।
     कलेक्टर श्री महोबे ने शासन के निर्देशनुसार विकास के लिए सुनियोजित एवं समयबद्ध 5 वर्षीय गाँव की आवश्यकता अनुसार परिप्रेक्ष्य योजना तैयार करने कहा। कलेक्टर ने निर्देशित किया कि 5 वर्षीय योजना में प्राथमिकता वाले क्षेत्र को विशेष रूप से शामिल किया जाए। इसके अलावा पंचायतों में रोजगारमूलक गतिविधियों को बढ़ावा देने, मुख्य मार्ग से पंचायतों तक बेहतर पहुंच मार्ग विकसित करने तथा सभी पंचायतों में आंगनबाड़ी भवन एवं पीडीएस भवन की उपलब्धता को आकलन कर शामिल करने के संबंध में दिशा-निर्देश दिए।

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