सुशासन तिहार अब गांव में ही मिल रहा समाधान शिविर में चंद मिनटों में बना लीलाधर का लर्निंग लाइसेंस
रायपुर, 09 मई 2026/sns/- छत्तीसगढ़ सरकार की सुशासन तिहार 2026 पहल आम नागरिकों के लिए वरदान साबित हो रही है। ग्रामीण क्षेत्रों में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की सेवाएं अब सीधे जनता के दरवाजे तक पहुंच रही हैं। इसी कड़ी में राजनांदगांव के ग्राम सुंदरा में आयोजित शिविर ने एक ग्रामीण के वर्षों पुराने अधूरे काम को कुछ ही समय में पूरा कर दिया।
’जानकारी से समाधान के भाव तक’
राजनांदगांव विकासखंड के अचानकपुर भाटापारा निवासी श्री लीलाधर देवांगन लंबे समय से अपना लर्निंग लाइसेंस बनवाना चाहते थे। उन्होंने अपनी खुशी साझा करते हुए बताया कि कार्यालयों की दूरी और जटिल प्रक्रिया की सही जानकारी न होने के कारण वे लाइसेंस नहीं बनवा पा रहे थे। सुशासन तिहार शिविर में परिवहन विभाग के स्टॉल पर उन्हें न केवल प्रक्रिया की जानकारी मिली, बल्कि उनके दस्तावेजों की जांच कर तत्काल निःशुल्क लर्निंग लाइसेंस जारी कर दिया गया। अब वे बिना किसी डर और बाधा के वाहन चलाने की आगे की प्रक्रिया पूर्ण कर सकेंगे, जिससे उनके दैनिक कार्यों में सुगमता आएगी।
’बदलती व्यवस्था की तस्वीर’
छत्तीसगढ़ में सुशासन तिहार 2026 के तहत जनसमस्या निवारण शिविरों के माध्यम से शासन की सेवाएं सीधे जनता के द्वार तक पहुँच रही हैं। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में इन शिविरों में गांव-गांव जाकर भूमि, बिजली, और जन-कल्याणकारी योजनाओं (राशन कार्ड, आयुष्मान, पेंशन) का मौके पर त्वरित निराकरण किया जा रहा है। श्री देवांगन ने शासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि पहले छोटे-छोटे कार्यों के लिए भी जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। सुशासन तिहार के इन शिविरों ने व्यवस्था को बदल दिया है।
’छोटी-बड़ी समस्याओं का मौके पर ही समाधान’
जिला मुख्यालय जाने का समय और यात्रा व्यय (किराया) दोनों की बचत हुई। एक ही छत के नीचे एक ही स्थान पर विभिन्न विभागों की योजनाओं की जानकारी मिलने से आम जनों को लाभ लिने लगा है। प्रशासनिक कार्यों को पारदर्शी और सुलभ बनाना, ताकि आम नागरिकों को दफ्तरों के चक्कर न काटने पड़ें।
’मुख्यमंत्री के प्रति जताया आभार’
लीलाधर देवांगन ने इस सुलभ व्यवस्था के लिए मुख्यमंत्री श्री विष्णुदेव साय और जिला प्रशासन के प्रति हृदय से आभार व्यक्त किया है। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार वास्तव में जनसामान्य के लिए राहत का त्योहार है, जिससे ग्रामीण अंचलों में रहने वाले लोगों का आत्मविश्वास बढ़ा है। ग्राम सुंदरा का यह शिविर इस बात का प्रमाण है कि सुशासन केवल एक शब्द नहीं, बल्कि धरातल पर उतरती वह सेवा है जो अंतिम व्यक्ति को सशक्त बना रही है। सुशासन तिहार के माध्यम से पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन की नई पहचान स्थापित हो रही है।