केरल में कथित झंडा विवाद पर सियासत तेजकांग्रेस उपद्रवी हिंसा ना करे राहुल गांधी ऐसे कार्यकर्ताओं को पाठ पढ़ाये l किसान नेता ने उठाए सवाल:- डाँ.चौलेश्वर चंद्राकर

रायपुर। राजनीतिक बयानबाजी के बीच केरल में कथित रूप से पाकिस्तान का झंडा फहराने को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। सोशल मीडिया पर वायरल कुछ तस्वीरों और वीडियो को लेकर विभिन्न राजनीतिक दलों और नेताओं की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। हालांकि कई वीडियो और तस्वीरों की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है, लेकिन इस मुद्दे को लेकर देशभर में राजनीतिक बहस तेज हो गई है।किसान नेता डॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने इस पूरे मामले पर कांग्रेस नेतृत्व को घेरते हुए सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि यदि किसी भी स्थान पर भारत विरोधी गतिविधियां होती हैं तो उस पर तत्काल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी से इस विषय पर स्पष्ट रुख सामने रखने की मांग की है।केरल में कथित झंडा विवाद पर बढ़ी राजनीतिक गर्मी शहीद भगत सिंह की पोस्टर फ्लेक्स को बेदर्दी से फाड़ा जा रहा है यह चिंतनीय विषय है l देश को आजादी दिलाने वाली पार्टी कांग्रेस के कार्यकर्ता खुले आम गुंडागर्दी करे यह शोभा नहीं देता 140 पुरानी पार्टी की हालत दिन ब दिन खस्ता होते जा रही है डॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने कहा कि केरल भारत की प्राचीन सांस्कृतिक और आध्यात्मिक भूमि रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ स्थानों पर जीत के जश्न के दौरान कथित रूप से पाकिस्तान जैसा दिखाई देने वाला झंडा लहराया गया, जिससे लोगों की भावनाएं आहत हुई हैं। उन्होंने कहा कि यदि यह कार्य कुछ असामाजिक तत्वों द्वारा किया गया है तो संबंधित राजनीतिक दलों को सार्वजनिक रूप से इसकी निंदा करनी चाहिए।उन्होंने यह भी कहा कि देश की जनता यह जानना चाहती है कि राष्ट्रीय दलों का रुख राष्ट्रहित के मुद्दों पर स्पष्ट क्यों नहीं दिखाई देता। उन्होंने कांग्रेस नेतृत्व से मांग की कि वे इस विवाद पर अपना पक्ष रखें और यदि कोई कार्यकर्ता दोषी पाया जाता है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करें।राहुल गांधी और खड़गे पर सीधे सवालडॉ. चंद्राकर ने कहा कि राहुल गांधी केरल के वायनाड से सांसद हैं और कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे राष्ट्रीय राजनीति के बड़े नेता हैं। ऐसे में इस प्रकार के विवादों पर उनकी चुप्पी कई सवाल खड़े करती है। उन्होंने कहा कि भारत विविधताओं का देश है लेकिन राष्ट्रध्वज और राष्ट्रीय सम्मान से जुड़ी भावनाओं का आदर सभी राजनीतिक दलों को करना चाहिए।उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ कट्टरपंथी ताकतें देश के सामाजिक सौहार्द को बिगाड़ने का प्रयास करती रही हैं। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी घटना की जांच निष्पक्ष तरीके से होनी चाहिए और केवल सोशल मीडिया के आधार पर निष्कर्ष नहीं निकालना चाहिए।पांच राज्यों के चुनाव परिणामों पर भी प्रतिक्रियाडॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने हाल ही में विभिन्न राज्यों में आए चुनाव परिणामों का उल्लेख करते हुए कहा कि कई राज्यों में जनता ने भाजपा और राष्ट्रवादी विचारधारा पर भरोसा जताया है। उन्होंने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी जैसे राज्यों का जिक्र करते हुए कहा कि जनता अब विकास, सुरक्षा और सांस्कृतिक पहचान के मुद्दों पर मतदान कर रही है।उन्होंने कहा कि भारत भगवान राम, भगवान कृष्ण, संत-महात्माओं और स्वतंत्रता सेनानियों की भूमि है। ऐसे में देश की एकता और अखंडता को सर्वोच्च प्राथमिकता मिलनी चाहिए। उन्होंने राजनीतिक दलों से अपील की कि वे चुनावी जीत या हार के बाद संयम बनाए रखें और किसी भी प्रकार की उग्र गतिविधियों से बचें।हिंसा और अराजकता पर जताई चिंताकिसान नेता ने कहा कि चुनाव परिणामों के बाद कई जगहों पर हिंसा, तोड़फोड़ और तनाव की खबरें सामने आती रहती हैं, जो लोकतंत्र के लिए ठीक नहीं है। उन्होंने कहा कि जनता के जनादेश का सम्मान सभी राजनीतिक दलों और कार्यकर्ताओं को करना चाहिए। लोकतंत्र में विरोध और समर्थन दोनों का अधिकार है, लेकिन हिंसा का कोई स्थान नहीं होना चाहिए।उन्होंने कहा कि राजनीतिक दलों को अपने कार्यकर्ताओं को अनुशासन और सामाजिक सद्भाव का संदेश देना चाहिए ताकि देश में शांति और भाईचारा कायम रहे। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी विवादित घटना की जांच कानून के दायरे में रहकर होनी चाहिए।देश जोड़ने की राजनीति पर उठे सवालडॉ. चौलेश्वर चंद्राकर ने राहुल गांधी की भारत जोड़ो यात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि यदि देश को जोड़ने की बात की जाती है तो राजनीतिक कार्यकर्ताओं को भी उसी भावना के साथ काम करना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश की जनता अब राष्ट्रहित, सांस्कृतिक विरासत और विकास के मुद्दों पर गंभीरता से सोच रही है।उन्होंने अंत में कहा कि सभी राजनीतिक दलों को धर्म, संस्कृति और राष्ट्र सम्मान के विषय पर सकारात्मक राजनीति करनी चाहिए। साथ ही उन्होंने देशवासियों से अपील की कि किसी भी वायरल वीडियो या फोटो पर विश्वास करने से पहले उसकी सत्यता की जांच अवश्य करें और सामाजिक सौहार्द बनाए रखें।

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