लंबित ऋण प्रकरणों का शीघ्र करें निराकरण कलेक्टर श्रीमती प्रजापति
मोहला, 22 मई 2026/sns/-कलेक्टर श्रीमती तुलिका प्रजापति ने कलेक्टर कार्यालय के सभाकक्ष में जिला स्तरीय समन्वय समिति (डीएलसीसी) एवं जिला स्तरीय समीक्षा समिति (डीएलआरसी) की बैठक लेकर जिले में संचालित विभिन्न बैंकिंग, वित्तीय समावेशन एवं स्वरोजगार योजनाओं की विस्तृत समीक्षा की। बैठक में सीईओ जिला पंचायत श्रीमती भारती चंद्राकर, लीड बैंक प्रबंधक, जिले के सभी बैंकर्स, तथा संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। कलेक्टर ने नवीन बैंक शाखाओं के शुभारंभ, बैंक विहीन गांवों में बैंकिंग सुविधाओं के विस्तार, शिक्षा ऋण वितरण, प्रधानमंत्री मुद्रा योजना, प्रधानमंत्री जनधन योजना, डिजिटल ट्रांजेक्शन, पीएम स्वनिधि योजना, प्रधानमंत्री खाद्यान्न उन्नयन योजना, पीएमएफएमई योजना, स्वयं सहायता समूहों को केसीसी ऋण वितरण एवं पीएम सूर्याघर योजना की बैंकवार समीक्षा की। उन्होंने विभिन्न योजनाओं के अंतर्गत लंबित प्रकरणों की जानकारी लेते हुए संबंधित बैंक अधिकारियों को समय-सीमा में निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने कहा कि शासन की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उद्देश्य आम नागरिकों को आर्थिक रूप से सशक्त बनाना है। इसके लिए आवश्यक है कि बैंकिंग संस्थाएं योजनाओं के क्रियान्वयन में संवेदनशीलता एवं सक्रियता के साथ कार्य करें। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि पात्र हितग्राहियों को ऋण स्वीकृति में अनावश्यक विलंब न हो तथा स्वरोजगार से जुड़े प्रकरणों का प्राथमिकता के साथ निराकरण किया जाए। बैठक में उन्होंने प्रधानमंत्री मुद्रा योजना एवं स्वरोजगार योजनाओं के माध्यम से युवाओं, महिलाओं एवं छोटे व्यवसायियों को अधिक से अधिक लाभान्वित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि बैंक एवं संबंधित विभाग आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए युवाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएं। कलेक्टर ने डिजिटल भुगतान को बढ़ावा देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने से पारदर्शिता बढ़ेगी और ग्रामीण क्षेत्रों में भी आधुनिक बैंकिंग सेवाओं का विस्तार होगा। बैठक में स्वयं सहायता समूहों को केसीसी ऋण वितरण की प्रगति की समीक्षा करते हुए कलेक्टर ने महिलाओं को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर बनाने के उद्देश्य से समूहों को बैंकिंग सुविधाओं से जोड़ने पर बल दिया। उन्होंने पीएमएफएमई एवं खाद्यान्न उन्नयन योजना के माध्यम से लघु उद्यमों एवं खाद्य प्रसंस्करण गतिविधियों को बढ़ावा देने के निर्देश भी दिए। कलेक्टर श्रीमती प्रजापति ने सभी बैंकर्स से शिक्षा, स्वास्थ्य एवं ग्रामीण क्षेत्रों में बुनियादी सुविधाओं के विकास के लिए सामाजिक दायित्व के तहत विशेष कार्य करने को कहा। उन्होंने बैंक अधिकारियों को जनहित से जुड़े कार्यों के लिए कार्ययोजना तैयार कर प्रस्ताव प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में कलेक्टर ने कहा कि शासन की योजनाओं का वास्तविक लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाना प्रशासन एवं बैंकिंग संस्थाओं की सामूहिक जिम्मेदारी है। सभी विभाग समन्वय एवं प्रतिबद्धता के साथ कार्य करते हुए जिले के विकास एवं आम नागरिकों के आर्थिक सशक्तिकरण में अपनी सक्रिय भूमिका निभाएं।